जागरण संवाददाता, कानपुर: उर्सला से रिक्शे पर शव लादकर पोस्टमार्टम पहुंचाने का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ था कि बुधवार को जीआरपी ने इंसानियत पैरों तले कुचल दी और संवेदनहीनता के सारे रिकार्ड तोड़ दिए। गोविंदपुरी जीआरपी ने ट्रेन से कटे दो शवों को एक दूसरे पर लाद कर ई-रिक्शे से पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। मामला तूल पकड़ने पर मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं।

शवों को लेकर संवेदनहीनता थमने का नाम नहीं ले रही। बुधवार शाम को पोस्टमार्टम हाउस में एक बार फिर शर्मसार करने वाला नजारा देखने को मिला। जब जीआरपी गोविंदनगर ने दो शवों को एक दूसरे के ऊपर रखकर ई-रिक्शे से भेज दिया। गोविंद नगर स्टेशन के पास बुधवार सुबह एक युवक का शव मिला। शव के पास से मिले कागजातों के आधार पर उसकी शिनाख्त कानपुर देहात निवासी आमिर खान (24) के रुप में हुई। चाचा मुन्ना ने बताया कि आमिर रनियां में गन्ने का जूस बेचता था। मंगलवार को वह किसी काम से शहर आया था। यहां से लौटते वक्त गोविंदपुरी स्टेशन के पास ट्रेन से गिरकर आमिर की मौत हो गई। जीआरपी ने परिजनों को हादसे की जानकारी दी। वही जूही खलवा के पास अज्ञात शव मिला। जीआरपी गोविंद नगर ने पंचनामा करने के बाद शवों को एक दूसरे के ऊपर ई-रिक्शे में लाद दिया। गौरतलब है कि नियमों के मुताबिक शव को खुले में नहीं ले जाया सकता और शव के शव ऊपर शव नहीं लादना ठीक नहीं है। जीआरपी प्रभारी राममोहन राय ने बताया कि उक्त प्रकरण शर्मसार करने वाला है। मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। नई नहीं है जीआरपी की संवेदनहीनता

जीआरपी सिपाहियों की यह संवेदनहीनता नई नहीं है। कुछ दिनों पहले ही अनवरगंज स्टेशन के एक सिपाही ने प्लेटफार्म पर पड़े लावारिस शव को फर्रुखाबाद एक्सप्रेस के पार्सल यान में लाद दिया था। यह शव लखनऊ में बरामद हुआ था और मामले की जांच चल रही है।

Posted By: Jagran

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