कानपुर, जागरण संवाददाता। एलएलआर अस्पताल की 24 घंटे काम करने वाली पैथोलाजी में अर्थिंग की समस्या के कारण एहतियातन सभी मशीनें बंद कर दी गई हैं, जिससे ओपीडी, इमरजेंसी और इनडोर में भर्ती मरीजों की खून-पेशाब और बलगम की सभी जांचें ठप हो गई हैं।

ऐसे में मरीजों और उनके स्वजन को मजबूरी में निजी पैथोलाजी में ज्यादा रुपये देकर जांच करानी पड़ रही है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन का दावा है कि जीएसवीएम मेडिकल कालेज के पैथोलाजी विभाग की लैब में जांच की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।

एलएलआर अस्पताल की पैथोलाजी में बुधवार दोपहर से अर्थिंग में गड़बड़ी के कारण मशीनों में करंट आने लगा। इस वजह से बायोकेमिस्ट्री जांचों की एक मशीन खराब हो गई और अन्य मशीनों के साफ्टवेयर में भी गड़बड़ी आ गई। इसे देखते हुए एहतियातन अन्य मशीनों को खराब होने से बचाने के लिए बंद करना पड़ गया।

ऐसे में गंभीर मरीजों की जांच के लिए सैंपल बाहर भेजे जाने लगे, जिससे मरीजों की जेब पर बोझ बढ़ने लगा। जांच ठप होने की सूचना पैथोलाजी के कर्मचारियों ने प्रमुख अधीक्षक को दी। उन्होंने प्राचार्य एवं कंपनी के इंजीनियरों को इस बारे में जानकारी दी। गुरुवार सुबह से इंजीनियर लगे रहे, लेकिन देर शाम तक जांचें शुरू नहीं हो सकीं।

अर्थिंग की समस्या के कारण पैथोलाजी की एक मशीन खराब होने के साथ अन्य मशीनों के साफ्टवेयर में भी गड़बड़ी आ गई है। इसे ठीक करने के लिए लखनऊ से इंजीनियर आए हैं, जो सुबह से लगे हुए हैं। मरीजों को समस्या न हो इसके लिए वैकल्पिक इंतजाम मेडिकल कालेज की पैथोलाजी में किया गया है।- प्रो. आरके मौर्या, प्रमुख अधीक्षक, एलएलआर अस्पताल।

जांचें बाहर से करा रहे मरीज : सीबीसी, एबीजी, इलेक्ट्रोलाइट, लिवर फंक्शन टेस्ट, किडनी फंक्शन टेस्ट, लिपिड प्रोफाइल, थायराइड, पीजीआएनआर आदि जांचें मरीज बाहर से करा रहे हैं। 

Edited By: Nitesh Mishra