कानपुर, जेएनएन। पंचायत चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जो टीम तैयार की, उसे अब वह विधानसभा चुनाव में परखेगी। ग्राम प्रधान से लेकर जिला पंचायत सदस्य तक पार्टी ने अपने जिन पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को चुनाव मैदान में उतारा उनका असली प्रयोग अब विधानसभा चुनाव में होगा।

पंचायत चुनाव के जरिए भारतीय जनता पार्टी ग्रामीण क्षेत्र में अपनी लीडरशिप खड़ी करने की तैयारी में थी। शहरी क्षेत्र में उसके पदाधिकारियों के पास पार्षद का चुनाव लड़ने का विकल्प था, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में यह स्थिति नहीं थी। वहां पार्टी पंचायत चुनाव में अपने प्रत्याशियों को पीछे से समर्थन न देने की वजह से कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के पास सिर्फ विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका था। इसे देखते हुए पार्टी ने जो लोग संगठन के कार्यों में जुड़े थे, उन्हें ही जनता के बीच नेतृत्वकर्ता के रूप में सामने लाने की योजना बनाई थी। पार्टी चाह रही थी जनता उनमें अपना नेता देखे। अब जिन लोगों को पार्टी ने प्रधान से लेकर जिला पंचायत सदस्य तक का चुनाव लड़ाया है, उन्हें विधानसभा चुनाव में भी बड़ी जिम्मेदारियां दी जाएंगी। ग्रामीण क्षेत्र में अपने उन्हें अपने क्षेत्र के मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने और उसके पक्ष में वोट डलवाने का कार्य भी सौंपा जा सकता है। चुनाव में जीते और हारे सभी को इस कार्य में लगाया जाएगा। इस संबंध में खुद भाजपा के पंचायत चुनाव प्रभारी विजय बहादुर पाठक का कहना है कि लीडरशिप तैयार करने के जिस उद्देश्य को लेकर पार्टी चली थी, उसमें वह सफल रही।

Edited By: Shaswat Gupta