कानपुर देहात, जागरण संवाददाता। बिकरू कांड के बाद मुठभेड़ में मारे गए शातिर अमर दुबे की पत्नी के मामले में मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायालय पाक्सो कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। अब न्यायालय ने सुनवाई के लिए 15 फरवरी की तारीख तय की है। 

चौबेपुर थानाक्षेत्र के बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 को दबिश देने गई पुलिस टीम पर विकास दुबे गैंग ने फायरिंग कर दी थी। घटना में आठ पुलिस कर्मियों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हो गए थे। मामले में पुलिस ने अमर दुबे की पत्नी पर हत्या, हत्या का प्रयास सहित अन्य मामलों में मुकदमा दर्ज कराया था, इसकी सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय पाक्सो कोर्ट में चल रही है। मंगलवार को मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि न्यायालय ने सुनवाई के लिए 15 फरवरी की तिथि नियत की है।

इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान आरोपित ने न्यायालय में चौबेपुर पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगा प्रार्थना पत्र दिया था। इसके साथ ही आरोपितों को पहचानने व घर से उठाने के दौरान के साक्ष्य होने की बात कही। जिसके बाद  न्यायालय ने सुनवाई के लिए 25 जनवरी की तिथि नियत की है। लेकिन सुनवाई नहीं हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया था कि अमर दुबे की पत्नी ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया है, जिसके माध्यम से उसने बताया कि बिकरू कांड के बाद पुलिस ने चार जुलाई 2020 को उसे उठाया था।

उसके साथ बिकरू गांव से अन्य महिलाओं को भी पुलिस थाने ले गई थी, जहां उसे लगातार प्रताड़ित किया गया। वहीं पुलिस ने गिरफ्तारी आठ जुलाई की दिखाई है। उसने बताया कि जिन पुलिस कर्मियों ने उसे गिरफ्तार किया उनके सामने आने पर पहचान लेगी। मामले में न्यायालय से आरोपित पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। 

Edited By: Abhishek Verma