चित्रकूट, जेएनएन। सोमवार देर रात बुखार पीडि़त मरीज को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में घंटों इलाज नहीं मिला। इससे उसकी मौत हो गई। स्वजन ने हंगामा किया तो सीएमएस ने मामले की जांच कर डॉक्टर पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

मानिकपुर तहसील के इंद्रानगर निवासी महेंद्र द्विवेदी कस्बा स्थित एक देसी शराब की दुकान में सेल्समैन थे। दो दिन पहले मामूली बुखार आने पर उन्होंने मानिकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक को दिखाकर दवा ली। सोमवार रात करीब 11 बजे बजे उनकी तबीयत और बिगड़ गई। बेटा धनंजय और पत्नी निराशा देवी उन्हें लेकर जिला अस्पताल आए। आरोप है कि वहां मौजूद डॉक्टर के कुर्सी से नहीं उठने पर ड्यूटी पर मौजूद एक अन्य फार्मासिस्ट ने इलाज किया। रात में करीब एक बजे हालत गंभीर होने पर स्वजन ने हंगामा किया। इसके बाद भी डॉक्टर कुर्सी से नहीं उठे। आरोप है कि डॉक्टर इतने नशे में थे कि वह कुर्सी से उठ नहीं पा रहे थे। हंगामा होने पर जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) ने तीमारदारों को इलाज का भरोसा दिया, लेकिन तभी मरीज की सांसें उखड़ गईं। बेटे धनंजय द्विवेदी ने सीएमएस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। सीएमएस डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि स्वजन ने डॉक्टर पर नशे में होने और इलाज नहीं करने का आरोप लगाया है। जांच कराई जा रही है। आरोप सही मिलने पर संबंधित चिकित्सक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नशे में धुत डॉक्टर का वीडियो वायरल: जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बुखार से पीडि़त मरीज के स्वजन और डॉक्टर के साथ झड़प का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया में वायरल हुआ है। हालांकि, दैनिक जागरण ऐसे किसी भी वीडियो की पुष्टि नहीं करता। वीडियो में महेंद्र के स्वजन से चिकित्सक कुछ कहने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अधिक नशे में होने के कारण वह बोल नहीं पाए।

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