उन्नाव, जेएनएन। अंगूठे का क्लोन बनाकर आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम से ठगों ने ग्राहकों के बैंक खातों से लाखों रुपये पार कर दिए। साइबर क्राइम सेल व सदर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने दो शातिरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। आरोपितों का नेटवर्क कई प्रांतों तक है। इनके खिलाफ गैंगस्टर की भी कार्रवाई की जाएगी।   

एसपी अविनाश पांडेय ने बुधवार दोपहर पुलिस लाइन सभागार में बताया कि पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रही है। इसी के तहत राजस्थान के करौली जिले के थाना सुरौठ के हुक्मीखेड़ा के वीरेंद्र कुमार, महाराजगंज जिले के थाना व कस्बा सुनौली क्षेत्र के घनश्याम नगर के आलोक जायसवाल को उन्नाव बस अड्डे के पास से गिरफ्तार किया गया। दोनों ने लाखों रुपये की ठगी की है। इनके पास से 1.90 लाख रुपये, तीन मोबाइल फोन, एक लैपटाप, छह सिमकार्ड, एक हार्ड डिस्क व दो डेबिट-क्रेडिट कार्ड बरामद किए गए। आरोपितों को गिरफ्तार करने में साइबर सेल प्रभारी अयनुद्दीन, हेड कांस्टेबल अजय पाल, सिपाही तरुण कुमार व शमसुद्दीन, कोतवाली इंस्पेक्टर अवधेश कुमार यादव, दारोगा सुधाकर ङ्क्षसह, सिपाही मोनू यादव व संदीप पाल शामिल रहे। 

लखनऊ में करोड़ों की ठगी में साथी किए जा चुके गिरफ्तार :  आरोपित वीरेंद्र ने बताया कि उसने हाल ही में दो ग्राहकों के बैंक खातों से आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से 10-10 हजार रुपये 11 बार में निकाले। इसमें अपने भाई अनूप की आधार कार्ड बनाने की डिस्ट्रीब्यूटरशिप का दुरुपयोग किया था। बताया कि भाई जगनेश कंप्यूटर केंद्र चलाता है, जहां आधार कार्ड बनवाने आने वाले लोगों के अंगूठे का प्रिंट ले लेते थे। फिर पीडि़तों का नकली अंगूठा बनाकर रुपये निकाले। उनके साथी राहुल राय व दो अन्य को करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में बीते सितंबर में लखनऊ के थाना विभूति खंड की पुलिस जेल भेज चुकी है।

Edited By: Shaswat Gupta