कानपुर, जेएनएन। आइआइटी की पढ़ाई में कमजोर रहे छात्रों को टर्मिनेट नहीं किया जाएगा। विभागाध्यक्ष, फैकल्टी और अन्य स्टाफ उन्हें मोटीवेट करेंगे। यह निर्णय सीनेट की ऑनलाइन बैठक में लिया गया है। इसके अलावा स्नातक के छात्रों को लैब की फीस में छूट दी जाएगी। उनके लिए ऑनलाइन पढ़ाई के तरीके को और मजबूत किया जा रहा है। 

निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने बताया कि सत्र 2020-21 पूरी तरह से ऑनलाइन ही रहा। बीटेक के छात्र संस्थान नहीं आए, जबकि एमटेक और पीएचडी के कई बैच को बुलाया गया था। संक्रमण की दूसरी लहर आने पर सभी को भेज दिया गया। सीनेट ने कमजोर अकादमिक प्रदर्शन करने वाले छात्रों को टर्मिनेट न करने का निर्णय किया है। आगामी सत्र के लिए भी तैयारी चल रही है। उसमें पढ़ाई की व्यवस्था और बेहतर रहेगी।

सभी जिलों की बनेगी रिपोर्ट

आइआइटी के कंप्यूटर साइंस के प्रो. मणींद्र अग्रवाल के गणितीय मॉडल की मदद से प्रदेश के सभी जिलों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसके आधार पर वहां पहले से ही तैयारियां की जाएंगी। इस रिपोर्ट में वहां संक्रमण कब चरम पर पहुंचेगा और कम उसमें उतार आएगा, यह सब शामिल होगा। प्रो. अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों व कुछ शहरों में कोरोना पॉजिटिव केसों का आकलन किया है। निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने बताया कि संस्थान जिलों की रिपोर्ट बनाने में मदद कर रहा है। यह सभी जिलों के लिए अलग अलग रहेगी। स्वास्थ्य विभाग और शासन का सहयोग लिया जा रहा है। संस्थान इससे पूर्व ऑक्सीजन ऑडिट एप भी विकसित कर चुका है।

ऑक्सीजन की बढ़ोतरी के लिए प्रतियोगिता

देश भर में ऑक्सीजन की किल्लत को देखते हुए संस्थान की ओर से ओपन चैलेंज प्रतियोगिता मिशन भारत ऑक्सीजन आरंभ की जा रही है। इसमें बेड साइड ऑक्सीजन कंसनट्रेटर और ऑक्सीजन विकसित करने का मुकाबला होगा। इसमें प्रतिभागी को प्रोटोटाइप तैयार करना पड़ेगा।

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