बांदा, जागरण संवाददाता। एसटीएफ के छह जवान और एक मुखबिर की हत्या के मामले में विशेष न्यायाधीश डकैती नूपुर की अदालत में डकैत ठोकिया गिरोह के सदस्यों को आखिरकार सजा सुना दी गई। पंद्रह साल बाद दिए फैसले में कोर्ट ने ठोकिया गिरोह के सदस्यों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। एसटीएफ जवानों की हत्या के मामले की सुनवाई 24 जून को पूरी हुई थी। अदालत ने दफा 302 का दोषी पाया है, जिस पर जल्द फैसला दिया है। 

बीहड़ में कांबिंग के बाद लौट रहे एसटीएफ जवानों के वाहनों पर डकैत अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया ने 22 जुलाई 2007 को ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। विस्फोटक से वाहन को उड़ा दिया था। डकैत ठोकिया गैंग की गोलियों का शिकार एसटीएफ के छह जवान और एक मुखबिर हुए थे। जिसमें एसटीएफ जवान राजेश चौहान, बृजेश यादव, लक्ष्मण शर्मा, गिरीश चंद्र नागर, उमाशंकर यादव और ईश्वर देव सिंह और मुखबिर रामकरन डकैतों की गोलियों का निशाना बने थे। वारदात को अंजाम देने के बाद दस्यु गैंग बीहड़ में भाग निकला था।

ये हुए थे बलिदान : एसटीएफ जवान राजेश चौहान (मैनपुरी), बृजेश यादव(चंदौली), लक्ष्मण शर्मा (अलीगढ़), गिरीश चंद्र नागर (गाजियाबाद), उमाशंकर यादव (गाजीपुर) और ईश्वर देव सिंह (गोंडा) और मुखबिर रामकरन। 

ये हुए थे घायल 

दारोगा दिनेश कुमार सिंह, महानता दिलदार नगर, जिला गाजीपुर

मुख्य आरक्षी शिव कुमार अवस्थी, लालपुर, जिला बलरामपुर 

आरक्षी श्री चंद्र, डलमऊ,  जिला रायबरेली

आरक्षी बृजेश तिवारी , धनोवर, जिला फतेहपुर

चालक राम मिलन, छितौना, जिला गोरखपुर

Edited By: Abhishek Verma