बांदा, जेएनएन। पाकिस्तान की जेल में बंद जिले के युवकों की रिहाई के लिए विधायक बृजेश कुमार प्रजापति ने कदम बढ़ाए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री को पत्र लिख रिहाई की मांग की। कहा, उनके विधान सभा क्षेत्र तिंदवारी के तीन युवक हाल में पकड़ लिए गए हैं, जबकि कुछ पहले से बंद हैं। दैनिक जागरण ने इस खबर को सोमवार व मंगलवार को प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिसके बाद विधायक ने मामले को संज्ञान में लेकर पत्र लिखा है।

गुजरात के ओखा गए थे युवक : तिंदवारी ब्लाक के धौसड़ गांव निवासी चांद बाबू 26 जुलाई को गुजरात के ओखा गए थे। ठेकेदार यहां से मछली पकडऩे के लिए कामगारों को बुलाते हैं। भाई मजीद ने बताया था कि 26 सितंबर को वोट के पायलट कुशा के साथ छह लोग मछली पकडऩे के लिए पोरबंदर से समुद्र में गए थे। अगले दिन पाकिस्तानी सैनिकों ने वोट पर सवार छह लोगों को सीमा में प्रवेश करने के आरोप में पकड़ लिया। वोट पर सवार सभी छह लोग पाकिस्तान की जेल में हैं। चांद बाबू के साथ गांव का ही लक्ष्मण और जसईपुर का शैलेंद्र कुमार भी है। एक पखवारा पहले पकड़े गए युवकों के घरों में बमुश्किल चूल्हा जल रहा है।

गांव में स्वजन बहाते हैं आंसू : पाकिस्तान की जेल से नरैनी तहसील के पचोखर गांव निवासी रामबहादुर रिहा कर दिए गए और घर पहुंच गए हैं। ब्लाक के जसईपुर और सिंघोली गांव के छह युवक आज भी पाकिस्तान की जेल में बंद हैं, जबकि एक महोबा जिले के लिलवाही गांव का भी शामिल है। सभी नवंबर 2017 को समुद्र में मछली पकडऩे के दौरान पकड़े गए थे। भटककर पाकिस्तान की सीमा में चले गए और उसके बाद से वहीं सीखचों में कैद हैं।

मछली पकड़ने के लिए बुलाते हैं ठेकेदार : मछली पकडऩे के लिए ठेकेदार के जरिए यहां के लोग से गुजरात जाते हैं। वहां से पोरबंदर से मछली पकडऩे के लिए नावों से समुद्र में उतर जाते हैं। पानी के बहाव और जानकारी के अभाव में भारत से आगे पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश करने पर पकड़ लिए जाते हैं। ङ्क्षतदवारी के छह युवक भी पाकिस्तान की जेल में पहले से बंद हैं।

यह हैं पहले से कैद : जसईपुर और सिंघौली गांव के छह युवक पाक की जेल में कैद हैं। करीब चार साल से मां-पिता को उनका इंतजार है। जसईपुर गांव के रफीक अहमद, विवेक कुशवाहा, बाबू, रोहित और सिंघौली गांव के राजू कुशवाहा, बिसंडा के बच्ची के अलावा महोबा जिले के लिलवाही गांव निवासी सुनील समेत सात युवक नवंबर 2017 से पाकिस्तान जेल में कैद हैं ।

Edited By: Abhishek Agnihotri