औरैया, जागरण संवाददाता। Auraiya News बाढ़ संभावित क्षेत्रों व गांवों पर प्रशासन ने नजर गड़ा दी है। हरियाणा के यमुना नगर जिला स्थित हथनीकुंड समेत राजस्थान के कोटा बैराज से छोड़े गए पानी से चंबल व यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ धुकधुकी बढ़ी है।

औरैया में सिकरोड़ी व इटावा भरेह सीमा से दोनों नदियां मिली है। सोमवार को दोपहर दो बजे तक 109.3 मीटर पर पानी रहा। चेतावनी बिंदु 112 मीटर है। खतरे का बिंदु 113 मीटर है।

औरैया और अजीतमल तहसील के अधिकारियों को सजग किया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर कार्यों पर जोर दिया जा रहा। चंबल नदी का विलय यमुना नदी में पड़ोसी जनपद इटावा के भरेह गांव के पास हुआ है। राजस्थान के कोटा बैराज बैराज से चंबल में छोड़े जाने वाले पानी से जमुना नदी में उफान देखने को मिलता है।

बता दें कि जिले के बडेरा, सिकरोड़ी, गोहानी कला, अयाना, ततारपुर खुर्द आदि दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आते हैं। बाढ़ की स्थिति तब विकराल हो जाती है जब हथिनीकुंड बैराज से पानी यमुना में छोड़ा जाता है। वर्ष 2016 व 2021 में बाढ़ से लोग प्रभावित हो चुके हैं।

अजीतमल एसडीएम अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि अस्थायी बाढ़ चौकियों को सजग कर दिया गया है। ग्रामीणों को जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है।

सुरक्षा की दृष्टि से तैयारी: सिकरोड़ी में नौ, जुहीखा में 10, बीझलपुर में दो नाविक के अलावा सिकरोड़ी में पांच, बीझलपुर में पांच गोताखोर लगाए गए हैं। सिकरोड़ी में चार, मुरादगंज में 10, अयाना बीहड़ में एक छोटी नाव का इंतजाम किया गया है। निगरानी के लिए चार बाढ़ नियंत्रण केंद्र और सात चौकियां।

प्रभावित होने वाले गांव: यमुना नदी- ज्यादा प्रभावित वाले गांव बड़ैरा, गोहानी कला, कैथोली, गूंज, असेवा, जुहीखा, बीझलपुर, ततारपुर कला, सिकरोड़ी, बंशियापुर, बरदौली, मिश्रपुर मानिकचंद, फरिहा, गोहानी खुर्द।

कम प्रभावित वाले गांव

बबाइन, पहाड़पुर, नखतपुर, सिमार, असेवटा, भूरेपुर कला, सिखरना। मिरजापुर मुआहिज, ऊंचा, शेखूपुर आधार सिंह, सबलपुर, रहमापुर, सहदपुर, रतनपुर गढ़िया, अजुआपुर, बल्लापुर, सुउटपुर, सौहरी गढ़िया। 

Edited By: Abhishek Verma