जागरण संवाददाता, कानपुर : कुत्ता एवं बंदर काटने से जख्मी लोगों के लिए राहत भरी खबर है। 17 दिनों बाद उर्सला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) मंगा ली गई है। शुक्रवार से अस्पताल में घायलों को वैक्सीन लगाई भी गई। एआरवी के लिए 21 फरवरी से लोग भटक रहे थे।

उर्सला अस्पताल में 20 फरवरी को से एआरवी वैक्सीन खत्म होने पर घायलों को लौटा दिया गया था। अगले दिन 21 फरवरी को अस्पताल के इमरजेंसी ब्लॉक स्थित एआरवी काउंटर के बाहर एआरवी खत्म होने की नोटिस चस्पा कर दी गई थी। इसके बाद से वैक्सीन लगवाने दूर-दराज से आने वाले भटक रहे थे। इसको लेकर कई बार उर्सला में हंगामा भी हुआ। उर्सला से घायलों को बिरहाना रोड स्थित केपीएम अस्पताल भेजा जाने लगा था। जिले में एआरवी की किल्लत को दैनिक जागरण ने बीते बुधवार को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद उर्सला अस्पताल के निदेशक डॉ. उमाकांत की नींद टूटी। उन्होंने आनन-फानन एआरवी आपूर्ति करने वाली फर्म को फटकार लगाई। इसके बाद शुक्रवार सुबह कंपनी ने रैबीपुर एआरवी के 2520 वॉयल भेजे हैं। शुक्रवार से ही वैक्सीन घायलों को लगाई जाने लगी। उर्सला में रोजाना 550-600 कुत्ते व बंदर के काटने से घायल लोग आते हैं। उर्सला निदेशक डॉ. उमाकांत ने बताया कि पर्याप्त मात्रा में एआरवी आ गई है।

By Jagran