जागरण संवाददाता, कानपुर : एक एंड्रायड फोन किस तरह जिंदगी में भूचाल ला सकता है, शायद इसका अंदाजा फोन इस्तेमाल करने वालों को न हो। लेकिन यह सच है कि एक मोबाइल फोन रिश्तों को तोडऩे की हिम्मत तक रखता है। इस फोन की वजह से कई रिश्ते टूट चुके हैं और टूटने की कगार पर पहुंच चुके हैं। इसलिए फोन का इस्तेमाल करते समय का थोड़ा ध्यान दें।

जरूरतों के लिए अब एक क्लिक काफी

तकनीकी ने इंसान की दुनिया बदल दी है। तमाम छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी जरूरतों के लिए अब इंटरनेट और एंड्रायड फोन पर एक क्लिक ही काफी है। लेकिन, यही इंटरनेट संबंधों के बिखराव का कारण भी बन रहा है। सोशल साइट पर जुड़ रहे रिश्ते कई परिवारों में दांपत्य जीवन को तोड़ रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में पुलिस के परिवार परामर्श केंद्र में ऐसे मामलों की संख्या बढ़ी है।

दिन भर फोन में लगे रहते हैं, डिस्टर्ब कर रही प्राइवेसी

पत्नी की शिकायत रहती है कि पति दिन भर फोन पर लगे रहते हैं। उनके लिए वक्त नहीं। पति की शिकायत है कि पत्नी छोटी-छोटी बातों को दूसरों से शेयर करके प्राइवेसी डिस्टर्ब कर रही है। हालात ये हैं कि आने वाले कुल मामलों में 12-15 फीसद केस फोन व इंटरनेट के गलत इस्तेमाल के हैं।

दो साल की बेटी और टूट रहा रिश्ता

गोरखपुर की एक युवती का तीन साल पूर्व इटावा के युवक से कानपुर में निकाह हुआ था। दोनों की अब दो साल की एक बेटी भी है। पिछले एक साल में एंड्रायड फोन और इंटरनेट ने उनकी जिंदगी में भूचाल ला दिया। दोनों का मामला अब परिवार परामर्श केंद्र में है। युवक ने काउंसलर को बताया कि युवती दिन भर चैटिंग करती है और पर्सनल फोटो भेजती है। कुछ दिन पूर्व वही फोटो पति के मोबाइल पर आई तो पता लगा। इसपर विवाद के अब दोनों एक दूसरे के साथ रहने को कतई राजी नहीं हैं और तलाक चाहते हैं।

चैटिंग बनी विवाद की वजह

लालबंगला की एक युवती की शादी चंडीगढ़ में तैनात एयरफोर्स कर्मी से हुई थी। लड़के का भाई समाजवादी पार्टी में है। इस दंपती के बीच भी एंड्रायड फोन और वाट्सएप चैटिंग ने खलल डाल दिया है। दोनों का आरोप है कि वह पर्सनल बातों को दूसरों से शेयर करते हैं। विवाद हुआ तो एक दूसरे की बातचीत की रिकार्डिंग कर उसे अपने संबंधियों व परिवार को भेजने लगे। इससे दोनों के परिवारों के बीच भी अनबन बढ़ गई। लड़की इस समय मायके में है। परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलर दोनों के दांपत्य जीवन को बचाने की कोशिश में जुटे हैं।

रिश्तों और तकनीक के बीच बनाएं समन्वय

परिवार परामर्श केंद्र की प्रभारी एवं सीओ श्वेता यादव कहती हैं कि मोबाइल फोन और इंटरनेट का समाज पर प्रभाव बढ़ा है। ऐसे में लोगों की शादीशुदा जिंदगी भी इससे अछूती नहीं है। हाल में कई मामले ऐसे आए हैं, जिसमें इंटरनेट और एंड्रायड फोन का बेजा इस्तेमाल रिश्तों में खटास पैसा कर रहा है। दपंती को तकनीकी के साथ रिश्ते सुधारने पर भी ध्यान देना चाहिए।

Posted By: Abhishek