कानपुर, जेएनएन। अमेरिकन नागरिकों को करोड़ों का चूना लगाने वाला जसराज बेहद शातिर है। वह खुद का रौब गांठने के लिए महंगी कारों और घडिय़ों का प्रदर्शन करता था। कानपुर में बैठे-बैठे विदेश की सैर के फोटो वायरल करता था। इसकी वजह से कई बार वह बड़े-बड़े शिकार फंसा लेता था। क्राइम ब्रांच की जांच में जसराज की जिंदगी से जुड़ी अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस ने खाते फ्रीज करने के लिए अमेरिकन बैंकों को ई-मेल भेजा है।

दिल्ली से खरीदी थी राडो की नकली घड़ी

क्राइम ब्रांच टीम की जांच में सामने आया है कि जसराज खुद को पैसे वाला साबित करने के लिए वह मर्सडीज, बीएमडब्ल्यू जैसी कारों की आरसी व कार के साथ अपनी फोटो भेजता था। महंगी कारें देखकर लोग उसके प्रति आकर्षित होते थे। मगर, पीछे का सच यह है कि वह कारों के शोरूम पर ट्रायल के लिए आने वाली गाडिय़ों को खरीदता था और बाद में ऊंचे दामों पर बेच देता था। इस दौरान कार के साथ फोटो व आरसी दिखाकर वह लोगों को प्रभावित करता था कि वह बड़ा आदमी है। यही नहीं, उसने राडो की नकली घड़ी भी दिल्ली से खरीदी थी। पुलिस उसकी लाइफ स्टाइल देखकर आश्चर्य चकित है। वह लड़कियों को भी ठगी के धंधे में अपने हिसाब से प्रयोग करता था। लड़कियां उसका स्टेटस देखकर उसके प्रभाव में आ जाती थीं। वह लड़कियों का इस्तेमाल ज्यादातर सामने वाली पार्टी को ठगने के लिए करता था।

खाते फ्रीज कराने के लिए अमेरिकन बैंकों को भेजा ई-मेल

कंप्यूटर हैक करके टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले फर्जी अंतरराष्ट्रीय काल सेंटर संचालक मोहिंद्र शर्मा व मास्टरमाइंड जसराज के खाते फ्रीज कराने के लिए पुलिस ने बैंक आफ अमेरिका व यूएस बैंक को ई-मेल भेजा है। जल्द ही टीम नई दिल्ली के कनाट प्लेस स्थित दोनों बैंकों की शाखाओं में जाकर खातों का ब्योरा मांगेगी। कनाट प्लेस में इन बैंकों का एटीएम भी है, जहां से आरोपित रकम निकालते थे। उसके पास बैंक आफ अमेरिका और यूएस बैंक समेत कई बैंकों के डेबिट कार्ड व चेकबुक मिली थीं। पुलिस ने भारतीय बैंकों को ईमेल भेजकर खातों को फ्रीज करा दिया था। अब बैंक आफ अमेरिका और यूएस बैंक के खातों को फ्रीज कराने के लिए ई-मेल भेजा है। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, बैंक आफ अमेरिका और यूएस बैंक में खाते जसराज के अमेरिका निवासी दोस्त टाड एल. थामस के नाम पर खुले हैं।

जानिए, क्या है पूरा मामला

पिछले दिनों क्राइम ब्रांच ने काकादेव क्षेत्र में ओम चौराहे के पास फर्जी काल सेंटर का पर्दाफाश कर संचालक नोएडा निवासी मोहिंद्र शर्मा समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपित अमेरिकी नागरिकों के कंप्यूटर पर मालवेयर वायरस भेजकर उसे हैक करते थे और फिर तकनीकी सपोर्ट का झांसा देकर पीडि़तों से अमेरिका के बैंकों में खुले खातों में पेमेंट गेटवे के माध्यम से रकम जमा कराते थे। दोनों ने मिलकर करीब 12 हजार अमेरिकन नागरिकों को सात से आठ करोड़ रुपये का चूना लगाया था। सोमवार को पुलिस ने मोहिंद्र के साथी और गिरोह के सरगना नई दिल्ली के जनकपुरी निवासी जसराज सिंह को भी जेल भेजा था।

Edited By: Abhishek Agnihotri