कानपुर(जागरण संवाददाता)।  केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री रामकृपाल यादव ने शनिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना की गुणवत्ता और मानक परखने पहुंचे। बनियापुरवा-ख्योरा गांव में रिएलिटी चेक के दौरान उन्होंने लाभार्थियों से आवंटन के बाबत दिक्कतें पूछीं। कोई शिकायत न मिलने पर एक लाभार्थी के घर मुंह मीठा कर (चीनी खाकर) पानी पीने के बाद लौटे।
शाम करीब पौने पांच बजे पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने पहले बनियापुरवा में चौपाल लगाकर लोगों से संवाद किया। उसके बाद लाभार्थियों से सीधे पूछा कि आवास को लेकर कहीं कोई कमी, दिक्कत या परेशानी है तो सीधे बताएं। इस दौरान खंड विकास अधिकारी ने केंद्रीय मंत्री को लाभार्थियों की पूरी सूची सौंपी। ख्योरा में मंत्री ने लाभार्थी रूमा व सीमा के आवास की गुणवत्ता व मानकों का भी निरीक्षण किया।
सीमा से पूछा कि अगर किसी ने घूस या रिश्वत मांगी हो तो बताएं। हालांकि उन्होंने इससे इन्कार किया। उन्होंने रूमा के घर चीनी खाकर पानी पीया। मंत्री ने निरीक्षण के बाद कहा कि निरीक्षण में स्पष्ट हो गया है कि लाभार्थियों को योजना का सही लाभ मिला है। इस दौरान डिप्टी मेयर पटना विनय कुमार, भाजपा उत्तर जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी, सीडीओ अक्षय त्रिपाठी,धर्मेद्र पाल, अरुण सचान, नीरज गुप्ता मौजूद रहे।
मनरेगा के लिए दिए गए 55 हजार करोड़ रुपये
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री रामकृपाल यादव ने बताया कि मोदी सरकार में मनरेगा के तहत काम को लेकर 55 हजार करोड़ रुपये की राशि दी गई। योजना में तेजी से काम हो रहा है। राज्य सरकारों की गति थोड़ी धीमी थी, पर अब सुधार हुआ है। राज्यों को उनकी मांग के मुताबिक राशि भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना हो या शौचालय निर्माण। मजदूरों के लिए आजीविका मिशन हो या फिर प्रधानमंत्री सड़क योजना। सभी से जनता खुश है।