कानपुर, जेएनएन। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर प्रदर्शन के दौरान शहर में हुई हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों से गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुलाकात की। उन्होंने पीडि़त परिवार को आर्थिक मदद देने के साथ हर समय साथ रहने का वादा किया। वह बाबूपुरवा में करीब आधे घंटे तक रुके और लोगों से घटना के बारे में बातचीत की। उनके आगमन को लेकर पुलिस-प्रशासन भी सतर्क रहा, वहीं खुफिया भी सक्रिय रही।

सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को गुरुवार दोपहर साढ़े बारह बजे आने की जानकारी प्रशासन को हुई थी। इसके चलते बाबूपुरवा इलाके में फोर्स तैनात कर दी गई थी और खुफिया तंत्र भी सक्रिय हो गया था। पूर्व मुख्यमंत्री करीब पौने दो बजे बाबूपुरवा पहुंचे। उनके साथ सपा के स्थानीय नेता भी मौजूद रहे। यहां पर उन्होंने 20 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद बाबूपुरवा में हुई हिंसा में मारे गए 23 वर्षीय मोहम्मद सैफ, 22 वर्षीय आफताब आलम और 30 वर्षीय रईस खान (30) के स्वजनों से मुलाकात की। उन्होंने दुखी परिवार को ढांढस बंधाया और पार्टी की ओर से पांच लाख रुपये चेक दी। साथ ही मारे गए लोगों के स्वजनों और घायलों की हर तरह से मदद करने का वादा किया।

उनके आते ही स्थानीय लोगों ने उन्हें घेर लिया और घटना की दस्तां बयां की। इसपर उन्होंने पीडि़तों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। बताते चलें कि मामले में एसआइटी जांच चल रही है। एसआइटी ने माना है कि बलवाइयों की गोली से ही तीनों की मौत हुई थी। वहीं घायल हुए लोगों को भी पुलिस उपद्रवी ही बता रही है। एसएसपी अनंत देव ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस व अद्र्धसैनिक बलों की तैनाती बाबूपुरवा की गई।

 

Posted By: Abhishek

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