कानपुर, जागरण संवाददाता। सेंट्रल स्टेशन के पुनर्विकास को लेकर पिछले तीन साल से चल रही कवायद अब धरातल पर उतरने लगी है। उत्तर मध्य रेलवे इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर चुका है। सेंट्रल स्टेशन को पीपीपी माडल से ढाई सौ करोड़ रुपये से विकसित किया जाएगा। यहां एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होंगी। सेंट्रल स्टेशन के कैंट और सिटी साइड के मुख्य प्रवेश द्वार का स्वरूप कारपोरेट कंपनी की तरह होगा। सिटी साइड में बहुमंजिला बहुउद्देशीय भवन बनाया जाएगा जिसमें सिटी सेंटर, थ्री स्टार होटल और यात्री घर समेत अन्य सुविधाएं होंगी। प्रत्येक प्लेटफार्म पर एस्केलेटर लगाए जाएंगे। दिल्ली हावड़ा की ट्रेनों के लिए तीन नए आरक्षित प्लेटफार्म बनाए जाएंगे जिनका प्लेटफार्म रोड साइड होगा।

इन सुविधाओं से युक्त होगा स्टेशन

सेंट्रल स्टेशन को हर तरह की सुविधाओं से युक्त किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक यहां जो भी सुविधाएं विकसित होंगी वह अगले 60 वर्षों तक सेवा देने में सक्षम होंगी। इसके लिए रेलवे के निर्माण विभाग के विषय विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीक पर आधारित ले आउट तैयार किया है। सिविल और टाउन प्लानिंग अधिकारियों ने संयुक्त कार्ययोजना बनाकर प्लान तैयार किया है। इसमें विभिन्न तरह की सुविधाएं होंगी।

  • वीआइपी ट्रेनों के लिए तीन नए प्लेटफार्म
  • रोड साइड स्टेशन ताकि सीधे ट्रेन में प्रवेश कर सकें यात्री
  • बहुउद्देशीय भवन में सिटी सेंटर, थ्री स्टार होटल और यात्रीघर
  • लिफ्ट, स्वचलित सीढ़ी व अन्य यात्री सुविधाएं
  • मेट्रो स्टेशन तक होगा रास्ता
  • कैंट और सिटी साइड के प्रवेश की डिजाइन समान होगी
  • स्टेशन में आगमन और निकासी के लिए अलग अलग प्रवेश द्वार
  • आरक्षण कम बुकिंग काउंटर एक ही छत के नीचे होंगे
  • मेट्रो स्टेशन से कनेक्टिविटी और पार्किंग की सुविधा
  • संचार सुविधाओं की उपलब्धता और शत प्रतिशत स्वच्छता पर ध्यान
  • कैंट साइड में बहुखंडीय कार पार्किंग

पहले आइआरएसडीसी को मिली थी जिम्मेदारी

विश्वस्तरीय सुविधा युक्त सेंट्रल स्टेशन बनाने के लिए पहले जिम्मेदारी इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कारपोरेशन (आइआरएसडीसी) को दी गई थी। अक्टूबर में रेलवे बोर्ड ने इसे समाप्त कर दिया जिसके बाद सेंट्रल स्टेशन के पुनर्विकास की जिम्मेदारी खुद उत्तर मध्य रेलवे संभाल रहा है। उत्तर मध्य रेलवे कानपुर सेंट्रल स्टेशन के साथ ही ग्वालियर, आगरा कैंट और प्रयागराज जंक्शन का भी पुनर्विकास कर रहा है।

कैंट और सिटी साइड का भवन उपर से जुड़ेगा

एयरपोर्ट पर जिस तरह से व्यवस्था होती है ठीक उसी तरह रेलवे भी चाहता है कि प्लेटफार्म पर यात्री तभी पहुंचें जब ट्रेन आए। इसके लिए कैंट और सिटी साइड के भवन को प्लेटफार्म के उपर से जोड़ा जाएगा। अधिकारी बताते हैं कि उपर ही यात्रियों के ठहरने और कैटङ्क्षरग की व्यवस्था की जाएगी ताकि जब ट्रेन आए तभी वह प्लेटफार्म पर आएं। आगमन और निकासी का द्वार भी अलग होगा ताकि आने और जाने वाले लोग एक दूसरे को न देख सकें।

क्या बोले जिम्मेदार: पीपीपी माडल से कानपुर सेंट्रल स्टेशन का पुनर्विकास होना है। सर्वे के साथ ही माडल बनकर तैयार है। इसके लिए मंडल स्तर पर तैयारियां चल रही हैं।टेंडर प्रक्रिया भी वहीं से होनी है। हिमांशु शेखर उपाध्याय, डिप्टी सीटीएम

Edited By: Abhishek Agnihotri