लखनऊ (जेएनएन)। सीबीआइ लखनऊ की एंटी करेप्शन ब्रांच ने कानपुर में एक लेदर फैक्ट्री मालिक से 15 लाख रुपये की घूस मांगने के मामले में एयरफोर्स के अधिकारी अमित गुप्ता व कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) के असिस्टेंट इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। सीबीआइ टीम ने एयरफोर्स अधिकारी को पहले एक लाख रुपये घूस लेते पकड़ा और फिर जांच में केडीए के असिस्टेंट इंजीनियर राजीव गुप्ता की भूमिका सामने आने पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। कानपुर में सीबीआइ ने शुक्रवार को एक आयकर अधिकारी को भी घूस लेते पकड़ा था।

कानपुर के पोखरपुर, जाजमऊ निवासी चमड़ा कारोबारी मु. अशफाक अंसारी की चकेरी एयरपोर्ट के पास शेखपुर चौराहा जाजमऊ में लेदर फैक्ट्री है। अशफाक ने सीबीआइ लखनऊ से शिकायत की थी कि चकेरी एयरपोर्ट के भू-विभाग अमित गुप्ता ने उनकी फैक्ट्री में आकर एयरफोर्स की एनओसी दिखाने की मांग की थी। इस पर अशफाक ने उन्हें बताया कि निर्माण कार्य के दौरान एनओसी के बाबत जानकारी नहीं थी।

इस पर अमित गुप्ता ने 15 लाख रुपये देने की मांग की और रुपये न देने पर केडीए के जरिये फैक्ट्री ध्वस्त कराने की धमकी दी। सीबीआइ ने प्रारंभिक जांच के बाद मामले में केस दर्ज किया और आरोपित को ट्रैप करने की योजना बनाई। सीबीआइ के इंस्पेक्टर अतुल दीक्षित की टीम ने सीबीआइ ने अमित गुप्ता को बतौर पेशगी एक लाख रुपये घूस लेते रंगे हाथ पकड़ लिया।

जांच में पूरे मामले में कानपुर विकास प्राधिकरण के जोन-1 में तैनात असिस्टेंट इंजीनियर राजीव गुप्ता की भूमिका सामने आने पर सीबीआइ ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। सीबीआइ ने दोनों आरोपितों को लखनऊ स्थित कोर्ट में पेश किया। बताया गया कि दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

 

By Ashish Mishra