जागरण संवाददाता, कानपुर : एक तो पहले ही गंगा बैराज पर गंगाजल रोक दिया गया है। तीस में से महज छह गेट से पानी छोड़ा जा रहा है। पानी कम होने के साथ ही बालू के ढेर बढ़ गए हैं। जलधारा के प्रवाह में ये ढेर बाधक बने हैं। भैरोघाट पंपिंग स्टेशन तक पानी लाने के लिए चार ड्रेजिंग मशीन लगाई गई हैं।

जलापूर्ति के लिए जलकल विभाग रोजाना भैरोघाट पंपिंग स्टेशन से बीस करोड़ लीटर कच्चा पानी खींचता है। गर्मी से पहले ही गंगा का जलस्तर अभी से 356.5 फीट पहुंच गया है। गंगा बैराज से भी जरूरत का आधा 2083 क्यूसेक पानी ही छोड़ा जा रहा है। मात्र छह गेट थोड़े-थोड़े खोले गए हैं। पानी कम होने से बालू बढ़ रही है। बैराज से भैरोघाट पंपिंग स्टेशन तक पानी पहुंचने में बीच-बीच में लगे बालू के ढेर बाधक बन रहे हैं। भैरोघाट पंपिंग स्टेशन के पास बालू के ढेर और बढ़ गए है। बालू के ढेर के चलते जलधारा शुक्लागंज की ओर बढ़ रही है। पांच सौ मीटर दूर से कच्चा पानी खींचा जा रहा है। पानी खींचने के लिए जलकल ने चार ड्रेजिंग मशीनें लगा रखी हैं।

सुबह-शाम पानी की जांच

जलकल विभाग रोज सुबह व शाम को गंगा के पानी के नमूनों की जांच करा रहा है। उसी के आधार पर कच्चा पानी को ट्रीट करने के लिए केमिकल प्रयोग किया जा रहा है। पानी कम होने से कालापन 40 हैजन तक बढ़ गया है।

(इनसेट)

अस्थायी बंधा बनाकर धारा मोड़ने की तैयारी

भैरोघाट पंपिंग स्टेशन में गंगा का कच्चा पानी लेने के लिए चार सौ मीटर अस्थायी बंधा बनना है। गंगा का जलस्तर 356.5 फीट पहुंचने से कच्चा पानी खींचने में दिक्कत हो रही है। बंधा बनने के बाद जलधारा भैरोघाट की तरफ मुड़ जाएगी। जलकल महाप्रबंधक आरपी सिंह सलूजा ने बताया कि अस्थायी बंधा बनाने के लिए बालू की बोरियां भरने का काम शुरू कर दिया गया है। जरूरत के हिसाब से बंधा बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। 15 लाख रुपये से बंधा बनाया जाना है। पिछले सात वर्ष में चौथी बार बंधा बनाया जा रहा है।

मछली पकड़ने का काम भी बढ़ा

गंगा का जलस्तर कम होने से मछलियां पकड़ने का काम भी बढ़ गया है। कई मछुआरे दिनभर नाव लेकर बैराज पर मछली पकड़ने में जुटे रहते हैं।

Posted By: Jagran