कानपुर, जागरण संवाददाता। नगर निगम में गृहकर और नामांतरण में गबन के मामले की जांच अभी पूरी भी नहीं हो पायी है कि अब जलकल विभाग में भी सरकारी गबन का मामला सामने आया है। स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ ने नगर आयुक्त से शिकायत की है।

नगर आयुक्त के आदेश पर जलकल विभाग ने जांच भी शुरू कर दी है। जांच में जल और सीवर कर जमा करने में हो रही गड़बड़ी अब सामने आएगी। सक्रिय रैकेट का खेल खुलेगा।

महासंघ के जिलाध्यक्ष हर्ष सिंह नेगी द्वारा नगर आयुक्त शिव शरणप्पा जीएन को शिकायत की गयी थी कि जोन तीन में पूर्व में कार्यरत राजस्व वसूलीकर्ता द्वारा अधिकारियों के शह पर वित्तीय वर्ष 2021-22में वसूल किए गए राजस्व वसूली का गबन किया गया है।

पुस्तिका संख्या 25693 10 फरवरी 2022 को दिया गया था वह पुस्तिका वसूलीकर्ता द्वारा मई 2022 में जमा की गयी उसके बाद 26 मार्च 2022 को बुक संख्या 25863 वसूलीकर्ता ने रिकार्ड से प्राप्त किया। इसके बाद 31 मार्च 2022 को पुस्तिका संख्या 25891 ली गयी।

इसके अलावा फरवरी में जमा कर का रुपये मई में और मार्च में जमा कर का रुपये जून माह में जमा किया गया। पत्र में कहा गया है कि इसकी जानकारी आला अफसरों को थी। इस मामले की जांच करायी जाए। करीब 40 लाख रुपये का मामला है। इस मामले में बाहरी एजेंसी से जांच करायी जाए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

इस मामले में जलकल द्वारा जांच करायी जा रही है।

इस मामले में जलकल विभाग ने कर्मचारी ओम प्रकाश पांडेय को निलंबित कर दिया है और जांच का जिम्मा अधिशासी अभियंता वीरेंद्र कुमार सिन्हा को सौंपा है। इस प्रकरण में एक-एक वसूलीकर्ता की पुस्तिका की जांच की जा रही है।

जलकल महाप्रबंधक केपी आनंद ने बताया कि मामला सामने आने पर प्रथम दृष्टया में कर्मचारी को दोषी पाया गया है इसको निलंबित कर दिया गया है और जांच की जा रही है। जांच में गड़बड़ी मिलने पर अफसरों व कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। 

Edited By: Nitesh Mishra

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