कानुपर, जेएनएन। छत्रपति शाहू जी महाराज विवि (सीएसजेएमयू) से स्थायी संबद्धता लेने के लिए मोटा शुल्क जमा करना होगा। बीए, बीएससी, बीकाम, बीएड और एमएड समेत प्रति संकाय की संबद्धता के लिए उन्हें एक-एक लाख रुपये देने होंगे। इसके अलावा प्रत्येक पांच वर्ष में एक लाख रुपये प्रति संकाय संबद्धता पुनरीक्षण शुल्क भी जमा करना होगा। पहले केवल स्थायी संबद्धता का शुल्क केवल 20 से 25 हजार रुपये के बीच देना पड़ता था।

सीएसजेएमयू से कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज, फर्रुखाबाद, औरैया, इटावा व उन्नाव के करीब आठ सौ स्ववित्तपोषित डिग्री कालेज संबद्ध हैं। इनमें कई कालेज ऐसे हैं, जिनमें कोरोनाकाल में महज 20 से 30 फीसद तक ही प्रवेश हुए हैं। वहीं कुलसचिव अनिल कुमार यादव ने सत्र 2021-22 से यह नियम लागू किए जाने का सरकुलर जारी कर दिया है। एक निजी कालेज प्रबंधक सचिन दुबे ने बताया कि कोरोनाकाल में प्रवेश बहुत कम हुए हैं, जबकि प्रवेश लेने वाले कई छात्र फीस देने में सक्षम भी नहीं हैं। ऐसे में कालेज चलाना ही मुश्किल है तो बढ़ी हुई फीस कैसे दे पाएंगे। एक अन्य कालेज के प्रबंधक मुकेश यादव का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण छात्रों से फीस निकालनी ही मुश्किल हो रही है। ऐसे में नए-नए शुल्क लगाना गलत है।

कालेज कम करने की मंशा तो नहीं : कालेज प्रबंधकों का कहना है कि ऐसे नाजुक दौर में इस प्रकार के शुल्क लगाने से लगता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की मंशा कालेजों की संख्या कम करने की है।

 

Edited By: Akash Dwivedi