कानपुर, जेएनएन। घाटमपुर कोतवाली के रामसारी गांव में शुक्रवार देर रात 32 वर्षीय अधिवक्ता सत्येंद्र सिंह भदौरिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई। देर रात एसएसपी अनंतदेव तिवारी और फोरेंसिक टीम घटनास्थल पहुंची और पूछताछ कर साक्ष्य जुटाए। प्राथमिक छानबीन में चुनावी रंजिश में हत्या की आशंका जताई जा रही है, पुलिस ने तमंचे के साथ एक हिस्ट्रीशीटर को हिरासत में लिया है।

घाटमपुर के जैतीपुर रोड निवासी अधिवक्ता सत्येंद्र की पत्नी पूजा भदौरिया पतारा विकास खंड के रामसारी गांव की प्रधान हैं। सत्येंद्र प्रतिदिन रात में वहां जाते थे और कई बार वहां रुक भी जाते थे। शुक्रवार शाम छह बजे वह गांव गये थे, रात करीब 10 बजे वह घर से सौ मीटर की दूरी पर लघुशंका करने के लिए गए थे। तभी वहां मौजूद बदमाश ने उनके बाएं हाथ कोखी गोली मार दी, गोली दाहिनी ओर से आरपार हो गई और वे वहीं गिर पड़े। गोली की आवाज सुनकर ग्रामीण और परिजन दौड़ पड़े।

उन्हें लहूलुहान हालत में जमीन पर गिरा पड़ा देखकर अफरा तफरी मच गई। आनन फानन पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस उन्हें सीएचसी घाटमपुर ले आयी, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बवाल की आशंका पर एसपी ग्रामीण प्रद्युम्न सिंह सर्किल फोर्स संग घटनास्थल पहुंचे। एसएसपी अनंतदेव तिवारी ने बताया कि प्रधानी चुनाव को लेकर हत्या की आशंका है। हिस्ट्रीशीटर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। परिजनों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

हिस्ट्रीशीटर पर शक, हिरासत में

रामसारी गांव में प्रधान के चुनाव के समय अधिवक्ता की पत्नी के खिलाफ हिस्ट्रीशीटर चुनाव लड़ा था। पुलिस के अनुसार हिस्ट्रीशीटर भूरा सिंह धांसू बंटा गिरोह का सक्रिय सदस्य था। हिस्ट्रीशीटर चुनाव परिणाम घोषित होने पर निचले पायदान पर रहा था। आरोप है कि इसी के चलते वह प्रधान पति से खुन्नस मानता था। वहीं पूजा के चुनाव जीतने के पांच माह बाद हिस्ट्रीशीटर का प्रधान पति व अधिवक्ता से झगड़ा भी हुआ था। हिरासत में लिए गए हिस्ट्रीशीटर से पुलिस पूछताछ कर रही है। देर रात एसएसपी अनंतदेव तिवारी ने भी हिस्ट्रीशीटर से पूछताछ की है। हालांकि अधिवक्ता की हत्या किसने की अभी पुलिस इस नतीजे पर नहीं पहुंची है।

सटीक मुखबिरी के बाद की हत्या

ग्रामीणों के मुताबिक अधिवक्ता का हत्यारा वहां पैदल ही आया था। सटीक मुखबिरी के बाद हत्यारे ने वारदात को अंजाम दिया। मुखबिर को उनके शुक्रवार को गांव में रुकने की जानकारी थी। वारदात के बाद किसी ने भी न तो कोई वाहन गुजरते देखा न ही किसी को भागते देखा।

एक माह में तीसरी वारदात

घाटमपुर में एक माह के भीतर हत्या की यह तीसरी वारदात है। लगातार घटनाओं के बाद भी पुलिस हत्यारोपितों की धर पकड़ नहीं कर पायी है। अधिवक्ता की हत्या से पूर्व यहां तारीख पर जा रहे दो साथियों की दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में पुलिस ने नामजद रिपोर्ट तो दर्ज की, लेकिन अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। वारदातों का खुलासा न होने पर लोगों में आक्रोश है। 

Posted By: Abhishek

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