जागरण संवाददाता, कानपुर: गैंगस्टर विकास दुबे के सहयोगियों को नियमों को ताक पर रखकर शस्त्र लाइसेंस देने व अन्य मामलों में सहयोग करने के मामले में एक और जांच शुरू हो गई है। न्यायिक आयोग की जांच के आधार पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शासन ने इस प्रकरण में जांच के दायरे में आए प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों व अन्य विभाग के कर्मचारियों की जांच मंडलायुक्त डाक्टर राजशेखर और एडीजी भानु भाष्कर को दी गई है। दोनों ही अधिकारियों ने संबंधित  अधिकारियों को नोटिस देकर जवाब दाखिल करने को कहा है। 

दो जुलाई 2020 को बिकरु कांड के बाद सामने आया था कि विकास दुबे और उसके साथियों पर तमाम गंभीर आरोपों में मुकदमे दर्ज थे, बावजूद उनके पास शस्त्र लाइसेंस थे। यही नहीं विकास दुबे ने बसपा शासन काल में ताबड़तोड़ अपने गुर्गों को शस्त्र लाइसेंस दिलवाए थे। जांच में सामने आया था कि शस्त्र लाइसेंस देने में प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

इसके अलावा जमीनों के मामलों में भी विकास दुबे ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने हुए तमाम उल्टे सीधे आदेश करवाए। इसके अलावा जिला आपूर्ति विभाग, स्वास्थ्य विभाग आदि अन्य विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों पर न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में सवाल उठाए गए थे। एडीजी जोन भानु भाष्कर ने बताया कि शासन के आदेश पर अब इन संबंधित लोगों के खिलाफ जांच शुरू कराई गई है। प्रशासनिक अधिकारियों की जांच  मंडलायुक्त करेंगे, जबकि पुलिस व अन्य विभागों की जांच उनके द्वारा की जाएगी।

Edited By: Abhishek Verma