कानपुर, जेएनएन। नर्वल के नरौरा गांव में पत्नी और उसके प्रेमी की हत्या के बाद गिरफ्तार आरोपित पति की बात सुनने वाले अवाक रह गए। पुलिस ने पूछताछ और बयान दर्ज करने के बाद मेडिकल कराया और फिर उसे जेल भेज दिया। वहीं मायके वालों के मृतका का शव लेने से इंकार करने पर राजेश के पिता ने शव का अंतिम संस्कार किया।

पुलिस को दिया ये बयान

हत्या के मामले में आरोपित राजेश ने पुलिस को दिए बयान में कहा, उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। उसने कहा कि अपने मन से आराम से कहीं भी घूमता और घर पर रहता था लेकिन जलालत भरी जिंदगी मंजूर नहीं थी, इससे बेहतर है कि जेल में ही रहूंगा। वह जेल जा रहा लेकिन इस बात का कोई गम नहीं है। यहां की आजाद जिंदगी से बेहतर वह कैद में रहना सही समझता है क्योंकि वह यहां जलालत भरा घूंट हर दिन पी रहा था। केवल अपने तीन बच्चों की ही चिंता है बाकी किसी की नहीं।

चार साल पहले हो गई थी जानकारी

राजेश ने पुलिस को बताया कि उसे चार साल पहले अवैध संबंध के बारे में पता चला था। बहुत समझाया, बच्चों के भविष्य का डर दिखाया, कुछ रिश्तेदारों को भी बीच में डाला। अपने से करीब आठ साल छोटे मनीष से प्रेम संबंध रखना सुनीता नहीं छोड़ रही थी। आजिज आकर उसने शुक्रवार देर रात चाकू से गला रेत हत्या कर दी। थाना प्रभारी नर्वल रामअवतार ने बताया कि हत्यारोपित को जेल भेज दिया गया है।

मां को पिता ने क्यों मारा बच्चे पूछ रहे सवाल

राजेश व सुनीता के तीन बच्चों की जिंदगी एक घटनाक्रम के बाद बदल गई है। उनके बाल मन पर घटना का इतना विपरीत असर पड़ा कि ज्यादा किसी से बोल नहीं रहे बस रोते हुए एक ही सवाल सभी से पूछते है कि पापा ने मां को क्यों मारा। बाबा मौजीलाल व अन्य लोग भी उनके इस सवाल का जवाब नहीं दे पा रहे। नौ वर्षीय मुकेश, आठ वर्षीय कंचन व छह वर्षीय सनी बाबा को गले लगाकर रोते रहे।

Posted By: Abhishek

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