फतेहपुर, जेएनएन। कोतवाली क्षेत्र के खैरई गांव में शुक्रवार सुबह रास्ते पर खंभे से लटक रहे टूटे बिजली के तार से जैसे ही श्रमिक के बेटे का हाथ हुआ तो वह करंट की चपेट में आ गया। वहीं, कुछ देर के बाद मासूम की मौत हो गई। स्वजन और ग्रामीणों का आरोप था कि बिजली विभाग की लापरवाही के चलते हादसा हुआ। 

खैरई निवासी मजदूर अजमत उल्ला का सात वर्षीय पुत्र अमन सुबह नौ बजे दूसरे मुहल्ले में रहने वाले रिश्तेदार के यहां जा रहे थे। रास्ते पर एक जगह बिजली खंभे से टूटने के बाद बिजली का तार लटक रहा था। खेलते-कूदते रिश्तेदार के यहां जा रहे सात वर्षीय अमन का हाथ लटकते बिजली तार में जैसे ही छुआ, वह करंट की चपेट में आ गया। उधर, से निकलने वाले ग्रामीणों ने बच्चे को तार से चिपका देखा तो शोर मचाकर रसूलपुर सानी बिजली उपकेंद्र में घटना की जानकारी दी और आपूर्ति बंद कराई। सप्लाई बंद होने के बाद ग्रामीणों ने बच्चे को तार से बाहर निकाला। गंभीर हालत में पीडि़त बालक को सीएचसी में भर्ती कराया गया जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी पर दारोगा राजेंद्र यादव पहुंचे और पूछताछ की। यहां लोगों ने बताया कि बमुश्किल दो फीट ऊंचाई पर लटक रहे बिजली तार में करंट चालू रहता है, लेकिन विभागीय कर्मचारियों के तार ठीक न करने से हादसा हो गया। कोतवाली प्रभारी संतोष शर्मा ने बताया कि दिवंगत बालक के स्वजन यदि तहरीर देते हैं तो मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

बिजली कर्मियों ने बरती लापरवाही : दिवंगत के पिता अजमतउल्ला ने बताया कि हफ्ते भर से बिजली खंभे में टूटा तार लटक रहा था। यदि बिजली विभाग के कर्मचारी समय रहते तार को ठीक कर देते तो उसके बेटे की नाहक ही जान न जाती। दोषी विद्युत कर्मियों के खिलाफ वह थाने में तहरीर देगा। इस समय बेटे की मौत से पूरा परिवार बेसुध है। 

Edited By: Shaswat Gupta