कानपुर, जागरण संवाददाता। अशोक नगर निवासी आंचल खरबंदा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। पुलिस जहां मामले को आत्महत्या मानकर चल रही है, वहीं आंचल के मायके वाले हत्या का आरोप लगा रहे हैं। इसे देखते हुए केस को सीबीसीआइडी को भेजने की तैयारी की जा रही है।

आंचल खरबंदा रसोई मसाला कारोबारी सूर्यांश खरबंदा की पत्नी थी, जिसका शव 19 दिसंबर की रात अशोक नगर स्थित ससुराल में अपने कमरे के बाथरूम में लटका हुआ मिला था। इस प्रकरण में सूर्यांश और उसकी मां निशा खरबंदा को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया था। फिलहाल इस केस की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है और पिछले दिनों डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने भी घटनास्थल का दौरा किया था।

पुलिस को घर के अंदर मानव रक्त के निशान मिले, लेकिन इससे यह सिद्ध नहीं किया जा सकता कि आंचल की हत्या हुई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक क्राइम ब्रांच भी आत्महत्या मानकर ही जांच को आगे बढ़ा रही है, लेकिन आंचल के परिवार वाले अभी भी पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं है। ऐसे में किसी विवाद से बचने के लिए पुलिस जांच को सीबीसीआइडी भेजने पर विचार कर रही है।

निशा खरबंदा हैलट रेफर : शुगर और ब्लड प्रेशर संबंधी समस्याओं के चलते आंचल की सास निशा खरबंदा की तबियत बिगड़ी हुई है। जेल जाने के बाद बिगड़ी हालत को देखते हुए जेल प्रशासन ने निशा को उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां हालत सुधर नहीं रही थी। सोमवार को निशा खरबंदा को उर्सला से हैलट लाया गया। बताया जा रहा है कि निशा खरबंदा की हालत अभी भी खतरे से बाहर नहीं है। शुगर लेवल काफी बढ़ा हुआ है।

Edited By: Abhishek Agnihotri