कानपुर, जागरण संवाददाता। Aanchal case आंचल प्रकरण के दौरान आरोपित पति सूर्यांश के घर पर पाले गए कीमती कुत्तों की खूब चर्चा हुई थी। अब इन्हें लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस ने कुत्तों को नगर निगम के हवाले किया था और निगम ने इनका रखरखाव एक स्वयंसेवी संगठन फ्रेंडीकोएस सेका, गुरुग्राम के हवाले कर दिया था। विवाद तब शुरू हुआ, जब स्वयंसेवी संगठन ने बिना नगर निगम व पुलिस को सूचना दिए कुत्तों को गुरुग्राम भेज दिया। यही नहीं कुत्ते जितने दिन वहां रहेंगे, उसके रखाव का सात हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से किराया अदा करना होगा।

अशोक नगर स्थित खरबंदा हाउस में जब पुलिस मौके पर पहुंची थी तो पुलिस का सामना सूर्यांश के खतरनाक कुत्तों से हुआ था। फ्रैंच मैक्सिस नस्ल के यह कुत्ते काफी महंगे होते हैं। एक कुत्ते की कीमत एक से डेढ़ लाख रुपये होती है। सूर्यांश के घर ऐसे सात कुत्ते पले हुए थे। पुलिस ने आंचल की मौत के बाद जब खरबंदा हाउस सील किया तो सात कुत्तों के अलावा एक मुर्गा भी मिला था, जिसे नगर निगम के हवाले कर दिया गया था। निगम ने कुत्तों को जानवरों के लिए काम करने वाली संस्था फ्रेंडीकोएस सेका, गुरुग्राम के हवाले कर दिया था। गुरुवार को सूर्यांश के कुछ रिश्तेदार कुत्तों की खबर लेने पहुंचे तो उन्हें पता चला कि कुत्ते कानपुर से गुरुग्राम भेजे जा चुके हैं। रिश्तेदारों के मुताबिक एनजीओ की ओर से किसी को भी इसके बारे में बताया नहीं गया। यहां तक पुलिस को भी नहीं। रिश्तेदारों ने इस प्रकरण में संस्था के स्थानीय अधिकारी अभिषेक सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि पुलिस की रिपोर्ट के बाद कुत्ते वापस लौटेंगे और इससे पहले उन्हें प्रति कुत्ता प्रतिदिन के हिसाब से एक हजार रुपये का किराया अदा करना होगा। यानी 2.10 लाख रुपये महीना शुल्क अदा करना होगा। इसके बाद सूर्यांश के रिश्तेदार भी हतप्रभ हैं कि आखिर इतनी बड़ी रकम कौन अदा करेगा।

Edited By: Abhishek Agnihotri