कानपुर, जेएनएन। कोरोना महामारी से भी प्राइवेट लैब खिलवाड़ करने से नहीं चूक रही हैं। एक लैब ने छह से सात घंटे में होने वाली जांच की रिपोर्ट महज 57 मिनट में दे दी। गजब तो यह है कि लैब ने आरटी-पीसीआर मशीन से जांच करने का दावा किया है। लैब संचालक की इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने जांच करने पर रोक लगा दी है। साथ ही लैब संचालक पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा है।

हैलट अस्पताल के सामने है लैब

प्राइवेट लैब को कोरोना (कोविड-19) जांच की अनुमति मिलने के बाद खेल शुरू हो गया है। हैलट अस्पताल के सामने स्थित प्राइवेट लैब मेें एक युवक को निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर ने बुधवार सुबह कोविड की जांच कराने भेजा था। लैब में उसका पूर्वाह्न 11.40 बजे रजिस्ट्रेशन किया गया। युवक का सैंपल लेने के बाद दोपहर 12.31 बजे जांच के लिए लगाया और जांच रिपोर्ट दोपहर 1.28 बजे दे दी गई। महज 57 मिनट में जांच रिपोट दे दी, वह भी पॉजिटिव। इसकी सूचना जब सीएमओ कार्यालय पहुंची तो अफसरों के कान खड़े हो गए। मामला सीएमओ डॉ. अशोक शुक्ला के संज्ञान में आया तो वह भी चकरा गए कि महज 57 मिनट में आरटी पीसीआर से जांच रिपोर्ट कैसे दे दी गई। जब पड़ताल कराई तो गड़बड़ी का पता भी चल गया।

मेडिकल कॉलेज की कोविड-19 लैब में जांच में लगते 7-8 घंटे

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के कोविड-19 लैब के विशेषज्ञों का दावा है कि सैंपल लेने से लेकर उसकी पूरी प्रक्रिया में 7-8 घंटे लगते हैं। इसमें सैंपल प्रॉसेस करने से लेकर वायरस का आरएनए निकालने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसके बाद ही जांच रिपोर्ट आती है।

इनका ये है कहना

शहर में दो प्राइवेट लैब को कोविड की जांच करने की अनुमति है। शहर की एक प्राइवेट लैब कोरोना का खौफ फैला रही है। एक युवक की जांच कर पॉजिटिव रिपोर्ट भी दी है। उसे नोटिस देकर तत्काल प्रभाव से जांच बंद करा दी है। शासन को उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा है।

-डॉ. अशोक शुक्ला, सीएमओ।  

Posted By: Abhishek Agnihotri

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