जागरण संवाददाता, कानपुर: कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारी अब तक मुस्तैद नहीं हुए। कचहरी में आने के करीब एक दर्जन रास्ते बने हैं। इसमें से कई तो संकरी गलियां हैं, लेकिन किसी भी रास्ते पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। सदर तहसील से डीएम दफ्तर की ओर आने के लिए भी पतली सी गली है। शुक्रवार को भी इन तमाम रास्तों पर कोई पुलिसकर्मी नहीं था तो न्यायालय की छह मंजिला इमारत में कहीं भी चेकिंग होती नहीं दिखी।

लखनऊ में बम धमाके के बाद शासन की ओर से सभी जिलों में न्यायालय परिसरों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। गुरुवार को एलआइयू सीओ व कोतवाली की फोर्स ने बम डिस्पोजल स्क्वाड व डॉग स्क्वाड संग छह मंजिला न्यायालय भवन में तलाशी ली लेकिन शुक्रवार से फिर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही नजर आई। जिला जज न्यायालय की ओर जाने वाले मुख्य गेट पर भी सिपाही किनारे बैठे आराम करते रहे। यहां डीएफएमडी (डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर) तक नहीं था। इसी तरह छह सीएमएम कोर्ट की ओर से छह मंजिला इमारत में आने वाले रास्ते पर सीढि़यों से ऊपर एक ही डीएफएमडी लगाया गया। इस वजह से बाहर से आने वाले लोग डीएफएमडी की बजाए उसके बगल के खाली रास्ते से गुजरते रहे। सिपाही किनारे बेंच पर बैठे थे लेकिन किसी को भी चेक करने की जहमत नहीं उठाई।

सीएमएम कोर्ट में जाने वाले गेट पर भी एक डीएफएमडी दिखा, जबकि यहां दो डीएफएमडी होने चाहिए। शताब्दी गेट से सबसे ज्यादा लोग न्यायालय जाते हैं, लेकिन यहां भी कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं किया गया। हालांकि छह मंजिला भवन में जाने के लिए स्कैनर के साथ सुरक्षाकर्मी मुस्तैद रहे। यही नहीं सदर हवालात की ओर से भी न्यायालय के मुख्य भवन में प्रवेश करने के लिए संकरी गलियों का रास्ता है, जहां पुलिसकर्मी लगाए ही नहीं गए।

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पास और बायोमीट्रिक सिस्टम से सुधरेंगे हालात

एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि कचहरी में इंट्री गेट पर बायोमीट्रिक सिस्टम और पास की व्यवस्था होने से सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। कचहरी के स्टॉफ को आइडी कार्ड से प्रवेश मिलेगा तो वादी व प्रतिवादी को आने के लिए पास जारी होगा। इसी तरह अधिवक्ता भी बायोमीट्रिक सिस्टम की मदद से आ सकेंगे। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर इस बाबत तैयारी की जा रही है।

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बंद किए जाएंगे तमाम गैरजरूरी रास्ते

एसपी ने बताया कि कचहरी में आने के तमाम गैरजरूरी रास्ते बंद कराए जाएंगे, चाहें वह संकरी गलियां हों या फिर अन्य कोई रास्ता। कोशिश है कि लोग निर्धारित रास्तों से ही निकलें, ताकि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो सके।

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सुरक्षा के लिए अभी यह व्यवस्था

एक इंस्पेक्टर, दो दारोगा, 49 सिपाही, बैग स्कैनर, 10 हैंडहेल्ड मेटल डिटेक्टर, 10 डोरफ्रेम मेटल डिटेक्टर, 50 सीसीटीवी कैमरे।

Posted By: Jagran

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