कानपुर, जेएनएन। केडीए में कई माह से नामांतरण के लिए चक्कर लगा रहे आवेदक मात्र दो घंटे में निस्तारण होने से दंग रह गए। उपाध्यक्ष के आदेश पर पांच साल बाद गुरुवार को केडीए में लगे नामांतरण समाधान शिविर में पहले दिन चार घंटे में 92 नामांतरण के मामलों का निस्तारण हुआ। उपाध्यक्ष अरविंद सिह ने नामांतरण समाधान शिविर का उद्घाटन किया।

संबंधित जोन के अफसर और कर्मचारी शिविर में सुबह दस से दोपहर दो बजे तक बैठे रहे। नामांतरण कराने आने वालों की फाइल मौके पर ही चेक करके कर्मचारी शुल्क बता रहे थे और उनसे दस्तावेज लेकर अफसरों से स्वीकृति भी कराते जा रहे थे। शिविर में एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधि शुल्क जमा कराने के साथ ही रसीद भी देते जा रहे थे। सारे दस्तावेज और शुल्क जमा होने के बाद नामांतरण कर दिया गया। अपर सचिव डा. गुडाकेश शर्मा, विशेष कार्याधिकारी सत शुक्ल व भैरपाल, जनसंपर्क अधिकारी एसबी सिंह रहे।

इतने नामांतरण हुए

जोन- नामांतरण

एक- 12

दो- 58

विश्वबैंक- 16

संपत्ति अनुभाग-6

नौ माह लगाना पड़ा चक्कर

आवेदक रितेश कुमार ने बताया कि नामांतरण को लेकर जनवरी 2021 से चक्कर लगा रहे हैं। शिविर में दो घंटे में ही निस्तारण हो गया। ऐसा शिविर हर तीन माह में लगाया जाए।

हर बार बता दी जाती थी कमी

कैंडी फ्लास एजूकेशन सोसाइटी के प्रतिनिधि ब्रजेश ¨सह ने बताया कि नामांतरण कराने को चक्कर लगा रहे थे। हर बार कोई कमी बता दी जाती थी, आज आधा घंटे में निस्तारण हो गया।

अफसर चाहें तो जल्द हो जाए काम

रतनपुर निवासी सुनील कनौजिया जनवरी 2021 से चक्कर लगा रहे थे, आज दो घंटे में नामांतरण हो गया। उन्होंने कहा कि अफसर चाह ले तो जल्द काम हो सकता है। उन्होंने उपाध्यक्ष का आभार जताया।

व्यवस्था देखकर दंग रह गए

आयकर विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी राजकिशोर मिश्र ने बताया, नामांतरण के लिए चक्कर लगा रहे थे। शिविर में व्यवस्था देखकर दंग रह गए। एक ही जगह सारी व्यवस्था कर दी गई।

आज यहां के होंगे नामांतरण

नामांतरण समाधान शिविर के दूसरे दिन 17 सितंबर को जोन तीन व चार और बल्क सेल विभाग से जुड़े नामांतरण के मामलों का निस्तारण होगा।

पहले लग चुका नक्शा समाधान शिविर

उपाध्यक्ष ने पहले नक्शा समाधान शिविर लगाया था। इसमें चार दिन में 130 नक्शों का निस्तारण किया गया।