जागरण संवाददाता, कानपुर : मात्र दो फीसद वेतनवृद्धि के प्रस्ताव से भड़के बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल बुधवार सुबह शुरू हो गई। पहले ही दिन शहर में 600 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ। साथ ही 18 हजार से ज्यादा चेक का सेटलमेंट अटक गया। आरटीजीएस और एनईएफटी के जरिए होने वाला भुगतान भी फंस गया।

यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर पहले दिन शहर में स्थित सभी 46 बैंकों की 700 से ज्यादा शाखाओं में पूरी तरह बंदी रहीं। माह के अंतिम समय में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल ने कारोबारी जगत में तमाम लेन-देन को रोक दिया।

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125 करोड़ के चेक फंसे

शहर में रोजाना करीब 18 हजार चेक के सेटलमेंट होते हैं। इन चेक के माध्यम से होने वाला करीब सवा सौ करोड़ रुपये का कारोबार बुधवार को अटका। दो दिन की हड़ताल में करीब 35 हजार चेक का सेटलमेंट रुकने की संभावना है। इससे 250 करोड़ का कारोबार प्रभावित होगा।

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120 करोड़ का आरटीजीएस, एनईएफटी फंसा

बैंकों में आरटीजीएस और एनईएफटी के माध्यम से भी जबरदस्त कारोबार होता है। रोजाना 120 करोड़ रुपये का आरटीजीएस और एनईएफटी होता है। गुरुवार को भी इतनी ही धनराशि प्रभावित होने की आशंका है।

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100 करोड़ का विदेशी कारोबार अटका

शहर के उद्यमी आयात- निर्यात भी बड़ी मात्रा में करते हैं। इसलिए यहां विदेशों से धन आता भी है और भुगतान भी किया जाता है। बैंक अधिकारियों के मुताबिक करीब 100 करोड़ रुपये का फॉरेन ट्रांजेक्शन प्रभावित हुआ है।

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सवा सौ करोड़ का नकद लेनदेन रुका

शहर में बैंक की 700 से ज्यादा शाखाओं में भारी मात्रा में कैश लेनदेन भी होता है। करीब 125 करोड़ रुपये की निकासी व जमा का काम बैंक में रोजाना होता है। यह कार्य बुधवार को अटका रहा।

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