जागरण संवाददाता, कानपुर : तीन दिन लगातार आई तेज आंधी और बारिश से खेतों में खड़ी दलहन की फसल प्रभावित हुई है। किसानों के मुताबिक करीब 70 फीसद दलहन कट चुकी थी लेकिन, अब भी 30 फीसद दलहन खेतों में खड़ी है। इसमें कीट और फफूंद लगने की आशंका भी बढ़ गई है।

यह सप्ताह खेतों में खड़ी फसल के लिए अच्छा नहीं रहा है। पहले चक्र में हल्की आंधी और बारिश का हमला हुआ। फिर बुधवार रात को आई आंधी और बारिश काफी तेज रही। बुंदेलखंड क्षेत्र दलहन का बड़ा उत्पादक भूभाग है। बारिश के बाद अब कारोबारी इस बात की जानकारी कर रहे हैं कि आखिर कितना उत्पादन प्रभावित हुआ है।

कानपुर दाल मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मिथलेश गुप्ता के मुताबिक खेतों में खड़ी करीब 30 फीसद फसल प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि बाजार पर इसलिए असर नहीं होगा क्योंकि देश में दलहन की बंपर पैदावार है। इतनी बारिश व आंधी के बाद भी किसान परेशान हैं कि उसकी उपज का ठीक मूल्य नहीं मिल रहा। समर्थन मूल्य भी नहीं मिल रहा। नीतियां तो हैं लेकिन, सरकार अगर गेहूं की तरह दलहन भी खरीदे तो किसानों की दशा सुधर सकती है।

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असर कुछ दिन बाद दिखेगा

घाटमपुर विकास खंड के स्यौंदी ललईपुर के किसान विश्व विजय तिवारी के मुताबिक जो अरहर खेत में खड़ी है, उसमें फली छेदक कीट लग सकता है। फफूंद का भी प्रभाव हो सकता है। जो चना कट गया है, उसमें कीट का असर हो सकता है।

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खराब चने का बेसन में होगा प्रयोग

चने के खराब होने से किसान और कारोबारी परेशान नहीं हैं। उनका मानना है कि अगर चने पर किसी तरह का प्रभाव पड़ा भी तो उसका बेसन बनाकर इस्तेमाल कर लिया जाएगा। बस भार का अंतर पड़ जाएगा।

By Jagran