कानपुर, जागरण संवाददाता। पिछले पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने के कारण आसमान साफ हो गया है। अब अगले दो-तीन दिन तक तेज धूप खिलेगी और तापमान में बढ़ोत्तरी होगी। हालांकि उत्तर पश्चिमी सर्द हवाएं गंगा के मैदानी इलाकों में अपना असर दिखाएंगी और रात में शीतलहर व गलन जारी रहेगी। मौसम विज्ञानियों ने हिमालय के पास आ रहे नए पश्चिमी विक्षोभ का असर दो फरवरी के बाद होने का अनुमान लगाया है। तब फिर से आसमान में हल्के बादल छाएंगे, लेकिन बारिश या बूंदाबांदी नहीं होगी।

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के मौसम वैज्ञानिक डा. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि हिमालय पर आने वाले पश्चिमी विक्षोभ या अरब सागर व बंगाल की खाड़ी में बनने वाले चक्रवाती परिसंचरण का असर मैदानी इलाकों में पड़ता है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ों पर बर्फबारी होती है और सर्द हवाएं मैदानी इलाकों में तेज होती हैं। इसी तरह समुद्र से नम हवाएं भी मैदानी भागों में आती हैं। इसके चलते आसमान पर बादलों के आने की संभावना रहती है।

डाॅ. पांडेय ने बताया कि वर्तमान में कोई भी पश्चिमी विक्षोभ नहीं है, इसी वजह से धूप खिली है और दिन में ठंडक व शीतलहर कम हुई है। 29 जनवरी के बाद नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालय के पश्चिम भाग में आ सकता है। इसकी तीव्रता से मौसम में फिर बदलाव होने के आसार हैं। दो फरवरी के बाद फिर से दिन में कोल्ड डे की स्थिति बन सकती है और तापमान में गिरावट हो सकती है। इस विक्षोभ का असर भी तीन से चार दिन तक रह सकता है। तब तक सुबह व शाम धुंध के साथ ही कोहरा भी छाने के आसार हैं।

Edited By: Abhishek Agnihotri