कानपुर, जागरण संवाददाता। Parliament Winter Session 2021 शहर को दो हिस्सों में बांटने वाली अनवरगंज- मंधना रेलवे लाइन को हटाने के लिए सांसद सत्यदेव पचौरी ने शुक्रवार को लोकसभा में फिर से मुद्दा उठाया। उन्होंने फर्रुखाबाद से अनवरगंज आ रही रेल लाइन को मंधना के पास से मोड़कर पनकी के पास कानपुर-दिल्ली रेलवे लाइन से जोडऩे की मांग की। कहा कि 16 किमी लंबा ट्रैक है और इस पर 18 क्रासिंग हैं। जीटी रोड के समानांतर होने और बीच शहर में होने की वजह से इस पर जाम लगता है और लोगों को समस्या होती है।  

अनवरगंज से फर्रुखाबाद रेलवे लाइन जीटी रोड के समानांतर है। इस पर अनवरगंज, जरीब चौकी, गुमटी, कोकाकोला, श्रम विभाग, रावतपुर, गीता नगर, शारदा नगर, पालीटेक्निक चौराहा, न्यू सिविल लाइंस, दलहन अनुसंधान संस्थान, बगिया क्रासिंग, पनकी- कल्याणपुर क्रासिंग समेत कुल 18 क्रासिंगें मंधना तक हैं। इन क्रासिंगों पर हर रोज जाम लगता है। कई बार तो एंबुलेंस भी फंस जाती हैं और पीड़ितों की मौत हो जाती है। अग्निशमन वाहन भी फंसते हैं। दैनिक जागरण और जागरण डॉट कॉम संयुक्त रूप से लगातार इस समस्या को लेकर अभियान चला रहा है। पिछले वर्ष दैनिक जागरण की पहल पर ही रेलवे की ओर से एनएच पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि अब आइआइटी से रावतपुर तक किसी भी क्रासिंग पर ओवरब्रिज नहीं बन सकता है। ऐसे में इस ट्रैक को मंधना से अनवरगंज के बीच हटाकर मंधना से पनकी तक नया ट्रैक बिछाना ही एक मात्र विकल्प है। इससे पहले भी दो बार सर्वे हो चुका है और हर बार इस ट्रैक की शिफ्टिंग को ही उपयुक्त माना गया। पिछले साल हुए सर्वे पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। ऐसे में अब सांसद सत्यदेव पचौरी ने संसद में मुद्दा उठाया है। इससे पहले भी पचौरी और सांसद देवेंद्र सिंह भोले इस मुद्दे को उठा चुके हैं। पचौरी ने शुक्रवार को मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस ट्रैक पर 50 जोड़ी ट्रेनें और मालगाडिय़ां चलती हैं। प्रकार हर 10 मिनट के अंतराल पर क्रासिंगों के फाटक बंद  होता है। इससे जाम लगता है। उत्तर मध्य रेलवे की ओर से उच्च स्तरीय तकनीकी दल से कराए गए सर्वे में भी मंधना से पनकी तक नया ट्रैक बिछाने की संस्तुति भी हो चुकी है। 

Edited By: Shaswat Gupta