कानपुर, जागरण संवाददाता। दोस्तों संग गंगा बैराज गई भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) की स्नातक द्वितीय वर्ष की होनहार छात्रा की शनिवार शाम नदी में गिरने से मौत हो गई। वह बैराज पुल पर रेलिंग पार करके प्रतिबंधित स्थान पर सेल्फी लेने गई थी, इसी दौरान उसका पैर फिसल गया। दोस्तों की चीख पुकार सुन राहगीर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से सेजल को निकाला। अस्पताल में सेजल को मृत घोषित कर दिया गया। उधर, सूचना पर राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित परिवार में कोहराम मच गया। 

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के बदनौर कस्बे में रहने वाली छात्रा ने  संस्थान में बीएससी पृथ्वी विज्ञान (अर्थ साइंस) कोर्स में दाखिला लिया था। पुलिस के मुताबिक शनिवार शाम वह सात दोस्तों के साथ गंगा बैराज पर घूमने गई थी। पुल पर टहलते समय वह गेट नंबर पांच के सामने रेलिंग का जाली वाला गेट खोलकर प्रतिबंधित क्षेत्र में अंदर प्लेटफार्म की ओर चली गई और वहां मोबाइल फोन से सेल्फी लेने लगी। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह लोहे के गेट और सीमेंटेड प्लेटफार्म के बीच से होते हुए सीधे गंगा में जा गिरी। साथियों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हुए। इस पर सहेलियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। चीख पुकार सुन राहगीर और आसपास के लोग आए। उन्होंने नवाबगंज पुलिस को सूचना दी। इसके बाद चौकी प्रभारी और थाने का फोर्स पहुंचा। आइआइटी के सुरक्षा अधिकारी और संस्थान जिमखाना के अध्यक्ष वेदांत सिक्का भी पहुंचे। 

पुलिस ने गोताखोरों को बुलाकर जाल डलवाकर करीब एक घंटे मशक्कत के बाद सेजल को बाहर निकाला। तुरंत एलएलआर अस्पताल (हैलट) ले जाया गया, जहां मृत घोषित कर दिया गया। आइआइटी के अधिकारियों ने बताया कि सेजल जैन, सात अन्य छात्र-छात्राओं के साथ गंगा बैराज गई थी। वहां वह पुल की सुरक्षा रेलिंग को पार करके बैराज गेट के रैंप की ओर पहुंच गई और अंधेरे में संतुलन बिगड़ जाने के चलते वह फिसलकर नीचे गिर पड़ी थी। उन्होंने घटना पर शोक व्यक्त किया है। इधर, पोस्टमार्टम में डूबने से मौत की पुष्टि हुई है। 

शव देख बेहाल हो गए ताऊ व भाई : बेटी संग हुए हादसे की सूचना पाकर ताऊ और भाई रात में ही कानपुर के लिए चल दिए। सुबह वह यहां पहुंचे और आइआइटी प्रबंधन के लोगों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। यहां बेटी का शव देखकर वह बेहाल हो गए। उन्होंने किसी से भी बात करने से मना कर दिया। साथ ही कहा कि बेटी को इंजीनियर बनाने चाहते थे। क्या पता था कि सारे सपने चकनाचूर हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि दीपावली पर ही बेटी घर आई थी। 

इनका ये है कहना: 

छात्रा के साथ गए सभी दोस्तों और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई है। जांच में सामने आया है कि छात्रा सबसे आगे चल रही थी और रेलिंग के बंद गेट की कुंडी उसी ने खोली और प्रतिबंधित क्षेत्र में जाकर सेल्फी लेने लगी थी। इसी दौरान पैर फिसलने से वह गिर पड़ी। - बृज नारायन सिंह, एसीपी स्वरूप नगर 

Edited By: Shaswat Gupta