कानपुर, जागरण संवाददाता।  Zika Virus in UP परदेवनपुरवा में रहने वाले एयरफोर्स कर्मी जीका वायरस से कैसे संक्रमित हुए, इसका जरिया अब तक पता नहीं चल सका है। दिल्ली एवं लखनऊ से आए विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में बुधवार को पहले दिन 70 टीमें जीका वायरस का सोर्स तलाशती रहीं। परदेवनपुरवा एवं पोखरपुरवा के 4,417 घरों में सर्वे किया। वहां जीका वायरस के लक्षण वाले नौ मरीज मिले हैं। इन नौ के साथ ही विदेश यात्रा से लौटे व्यक्ति के सैैंपल जांच को लिए गए हैैं। वहीं,16 गर्भवती की मानीटरिंग की जाएगी। 

केंद्रीय टीम के एनसीडी के ज्वाइंट डायरेक्टर डा. सौरभ गोयल, कंसलटेंट डा. अमित रटावा एवं लखनऊ के राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की डा. कनिका कुमार के सुझाए बिंदुओं पर 70 टीमें क्षेत्र में भेजी गईं। टीमें घर-घर जाकर जीका वायरस के लक्षण वाले, गर्भवती एवं बाहर से आए लोगों का डाटा तैयार करती गईं। टीमों को 16 गर्भवती मिली हैं, जबकि नौ बुखार पीडि़त मिले हैं, जिनमें जीका वायरस के संक्रमण जैसे लक्षण मिले। विदेश यात्रा से लौटा एक व्यक्ति भी मिला है।

जांच को लिए 11 सैंपल : जांच के लिए जीका वायरस के लक्षण के नौ मरीजों के साथ ही विदेश से लौटे व्यक्ति के सैैंपल लिए गए। एक मरीज का सैंपल दोबारा लिया गया है। बुधवार को ये सभी 11 सैंपल जांच के लिए ङ्क्षकग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ भेजे गए हैं। 

सर्व  में लगे 10 डाक्टर : घर-घर जाकर जीका वायरस का पता लगाने के लिए डाक्टरों व कर्मचारियों की भारी भरकम फौज लगाई गई। मानीटरिंग के लिए चार एसीएमओ स्तर के अधिकारी लगाए गए हैैं। वहीं, 70 टीमों की निगरानी के लिए छह मेडिकल आफीसर भी लगे हैैं।

इनका ये है कहना : 

परदेवनपुरवा एवं पोखरपुर के 4,417 घरों में टीमें गई थीं। टीमों ने जीका वायरस के लक्षण के मरीज, गर्भवती एवं विदेश यात्रा से लौटे लोगों के डाटा के साथ उनका पता एवं मोबाइल नंबर भी लिया है। पहले दिन 10 लोगों के सैंपल लिए गए हैैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई होगी। - डा. जीके मिश्रा, अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, कानपुर मंडल। 

Edited By: Shaswat Gupta