जागरण संवाददाता, कानपुर : कानपुर में उद्योग खत्म नहीं हुए हैं, लेकिन उनका स्वरूप बदल गया है। यह बात शनिवार को औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि पहले यहां सिर्फ कपड़ा उद्योग था, लेकिन अब यह खाद्य तेलों का बड़ा केंद्र है। होजरी, खाने के मसाले, लेदर का काम भी पहले बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन समय के साथ ये बड़े उद्योग बनकर उभरे हैं।

उन्होंने कहा कि पहले उद्योग कभी चर्चा का विषय नहीं होता था। उद्यमी को विभाग के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब ऐसा नहीं रह गया है। उद्योग विभाग और उद्यमियों के बीच मजबूत संबंध बना है। अब 10 प्लाट भी होते हैं तो 100 आवेदन होते हैं। उन्होंने कहा कि गौतमबुद्ध नगर को पूरी तरह उद्योगों के लिए ही विकसित किया गया था। अगर उसे छोड़ दें तो आज भी प्रदेश में कानपुर सबसे ज्यादा औद्योगिक उत्पादन वाला शहर है।

---------------

महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र में कराए 760 करोड़ का विकास कार्य

औद्योगिक विकास मंत्री ने बताया कि महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र में उन्होंने साढ़े चार वर्ष में 26 विभागों से 759.96 करोड़ के विकास कार्य कराए। इसमें केडीए, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, जलकल, केस्को, यूपी सिडको, डूडा से कार्य कराए। अखरी चिल्ला पुल और करबिगवां पुल पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री सहायता कोष से 10.47 करोड़ रुपये की सहायता इलाज में दिलाई है। महाना ने कहा कि बहुत से लोग सिंगापुर बनाने की बात कहते हैं, लेकिन सबसे पहले जनता को मूलभूत सुविधाएं मिलें, इसी उद्देश्य से महाराजपुर में काम किया। ड्योढ़ी घाट, सिद्धनाथ घाट मे विकास कार्य कराए। बिजली के लिए अहिरवां, महोली, जरौली, गंगापुर सब स्टेशन बनाए। भदासा व सलेमपुर में सब स्टेशन की क्षमता बढ़ाने की बात कही। कहा कि 2012 के बाद रीयल एस्टेट में या तो भाव गिरे हैं या स्थिर हैं, लेकिन महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र में पांच गुना भाव बढ़े हैं क्योंकि वहां विकास सबसे ज्यादा हुए हैं।

Edited By: Jagran