कानपुर, जेएनएन। राजा ययाति के किले में अवैध कब्जे की पर्तें धीरे-धीरे उधड़ रही हैं। अब पता चला है कि किले को अपनी निजी संपत्ति दर्शाने की वजह से भूमाफिया पप्पू स्मार्ट (मो. आसिम) ने यहां पारिवारिक कब्रिस्तान तक बना डाला है। शिकायतें हुईं तो जिम्मेदारों ने गलत होने के बावजूद सांप्रदायिक माहौल बिगडऩे का हवाला देकर भूमाफिया को संरक्षित किले में मनमानी करने दिया।

इसका राजफाश पप्पू स्मार्ट के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने वाले अधिवक्ता संदीप शुक्ला ने किया। उन्होंने बताया कि किला वर्ष 1968 से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के संरक्षण में है। दो दशक पहले जब किले की जमीन पर भूमाफिया पप्पू स्मार्ट की नजर पड़ी तो उसने सबसे पहले अपनी संपत्ति दर्शाने के लिए यहां पारिवारिक कब्रिस्तान होने का दावा कर दिया। पप्पू ने सबसे पहले अपने पिता को यहीं दफनाया। संदीप के मुताबिक तब विरोध हुआ। जांच हुई तो तत्कालीन राजस्व विभाग की जांच रिपोर्ट में कहा गया कि यहां कोई कब्रिस्तान नहीं है। हालांकि रिपोर्ट को दरकिनार करके यहां पर शवों को दफनाया जाता रहा।

संदीप ने बताया कि पिछले साल पप्पू के भाई कक्कू की मृत्यु हुई थी। उसका भी अंतिम संस्कार यहीं हुआ। उन्होंने तत्कालीन सीओ व एसडीएम को जानकारी फोन पर दी, मगर उन्होंने सांप्रदायिक माहौल खराब हो जाने का हवाला देते हुए संरक्षित स्मारक में शव को दफनाने से नहीं रोका। वहीं एसएसआइ के अधिकारियों का भी कहना है कि उनके रिकार्ड में यहां कोई कब्रिस्तान नहीं है। गौरतलब है कि पप्पू स्मार्ट ने कब्रिस्तान को चारों ओर ऊंची ऊंची दीवारों से सुरक्षित कर उस पर गेट लगा पूरी तरह से कब्जा कर लिया है।

पप्पू स्मार्ट के बेटे और साले पर रंगदारी का मुकदमा

राजा ययाति के किले पर मकान का निर्माण करवा रहे वृद्ध से पिंटू सेंगर हत्याकांड के मुख्य आरोपित पप्पू स्मार्ट के बेटे और साले ने रंगदारी मांगी थी। विरोध पर वृद्ध को जान से मारने की धमकी दी। वृद्ध की शिकायत पर पांच दिनों बाद पुलिस ने आरोपितों पर मुकदमा दर्ज कर लिया। जाजमऊ स्थित मखदूम नगर ऊंचा टीला निवासी 72 वर्षीय नौशाद अहमद की तहरीर के अनुसार 13 सितंबर को वह बारिश से बचाव के लिए घर के बाहर टट्टर और तिरपाल लगवा रहे थे।

इस दौरान पप्पू स्मार्ट का बेटा जैन कालिया, उसका साला नफीसुल हसन उर्फ अर्की बाबा अपने साथी रिजवान नाटा, आरिफ, सान्याल और शाद के साथ हथियारों के साथ पहुंचा और मकान बनवाने के नाम पर गुंडा टैक्स मांगा। उन्होंने आरोपितों को दस हजार रुपये दे दिए। इसके बाद 14 सितंबर को आरोपितों ने 20 हजार रुपये मांगे, जिसके बाद पीडि़त ने आरोपितों के खिलाफ चकेरी पुलिस से शिकायत की। चकेरी पुलिस के कार्रवाई नहीं करने पर पीडि़त ने डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार से शिकायत की। थाना प्रभारी मधुर मिश्रा ने बताया कि रिपोर्ट दर्जकर आरोपितों की तलाश की जा रही है।

Edited By: Abhishek Agnihotri