कानपुर, जेएनएन। कोरोना महामारी की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है। सरकार पिछली खामियों से सबक लेते हुए इस बार किसी प्रकार की चूक नहीं चाह रही है। इसलिए कोरोना वायरस के जांच की क्षमता बढ़ाई जा रही है। इसी कड़ी में शासन ने कानपुर देहात एवं फर्रुखाबाद जिले में बायो सेफ्टी लेवल-2 (बीएसएल-टू) लैब स्थापित करने का निर्णय लिया है। ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण का पता लगाने को आरटीपीसीआर जांच की सुविधा मिल सके। डेढ़ माह में लैब तैयार की जानी है।

कोरोना महामारी की तीसरी लहर अगस्त-सितंबर में आने की संभावना विशेषज्ञ जता रहे हैं। इससे पहले शासन सभी तैयारी पूरी करना चाह रहा है। इसलिए कोरोना की आरटीपीसीआर जांच की क्षमता बढ़ाई जा रही है। कानपुर मंडल में सरकारी क्षेत्र में सिर्फ कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कालेज और इटावा जिले के सैफई स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में जांच की सुविधा है। इसलिए कोरोना की पहली एवं दूसरी लहर में निजी लैब पर भी निर्भरता रही। उधर,औरैया में बीएसएल-टू लैब तैयार हो गई है। इस लैब में अभी रोजाना 300 सैंपल की आरटीपीसीआर जांच की क्षमता है। इसे बढ़ाया जाना है।

शासन ने मंडल के तीन जिलों में बीएसएल-टू लैब स्थापित करने का निर्णय लिया है। उसमें से औरैया में लैब बनकर तैयार हो चुकी है। कानपुर देहात एवं फर्रुखाबाद जिले में डेढ़ माह में लैब स्थापित कर दी जाएगी। - डा. जीके मिश्रा, एडी हेल्थ , कानपुर मंडल।

Edited By: Abhishek Agnihotri