बांदा, जेएनएन। उद्योग विभाग के जिस पूर्व सहायक आयुक्त के विरुद्ध ग्राम प्रधान ने अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देने व पांच लाख रुपये रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज कराया है, वह पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित हो चुके हैं। उस समय भी उनके विरुद्ध उद्यमियों से तीन-तीन लाख रुपये मांगने का आरोप लगा था। 

वर्ष 2018 में पूर्व सहायक आयुक्त सर्वेश दीक्षित के विरुद्ध सीतापुर और बांदा में तैनाती के समय भ्रष्टाचार और अभद्रता मामले की शासन स्तर से जांच कराई गई थी। उनके ऊपर उद्यमियों से तीन-तीन लाख रुपये की मांग करने व उद्योग की जमीन को विभाजित कर वितरित करने के आरोप लगे थे। जांच में सहयोग न करने व अधिकारियों से अभद्र व्यवहार करने आदि के मामला भी प्रकाश में आया। इसके चलते उन्हें निलंबित किया गया था। अब एक बार फिर उनके ऊपर रंगदारी मांगने व धमकाने के आरोप में एक ग्राम प्रधान ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। गिरवां थाना प्रभारी अर्जुन सिंह ने बताया कि विवेचक इस मामले में आगे बयान दर्ज करेंगे। अभी आरोपित के स्थायी व अस्थायी पते की कोई जानकारी नहीं है। 

यह है मामला: गिरवां क्षेत्र के एक गांव के प्रधान ने बुधवार रात थाने में तहरीर देकर बताया था कि उद्योग विभाग के पूर्व सहायक आयुक्त सर्वेश दीक्षित ने उन्हें आठ जून को ब्लैकमेल करने के लिए धमकी दी है। पीडि़त प्रधान ने आरोप लगाया कि पूर्व सहायक आयुक्त ने उसका अश्लील वीडियो वायरल करने की बात कहते हुए पांच लाख रुपये की मांग की। पुलिस ने पूर्व सहायक आयुक्त के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच एसआइ वीरेंद्र त्रिपाठी को सौंपी गई है। 

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