कानपुर, जेएनएन। False Kidnapping Story शहर में शुक्रवार को युवक द्वारा खुद के ही अपहरण की कहानी रचने का मामला सामने आया है। हालंकि पुलिस ने जांच की तो पता चला कि यह कहानी सिर्फ एक भूमि विवाद के तहत रची गई थी। दरअसल, कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद से अपराधियों के लिए पुलिस की कार्यशैली में बदलाव आ गया है। युवक द्वारा रचे गए इस षडयंत्र के कारण पुलिस प्रशासन को काफी परेशान होना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने युवक को खुद का अपहरण करने के आरोप में जेल भेज दिया।  

ये है पूरा मामला: ओमपुरवा निवासी गौरव श्रीवास्तव ने दो दिन पहले बुधवार को चकेरी पुलिस से शिकायत की उनके भाई दीपक की इलाके के अरुण और अनिल से पुरानी रंजिश है। भाई ने फोन कर उन्हें सूचना दी है कि उन दोनों ने उसका अपहरण कर लिया है और मारपीट की। साथ ही किसी अज्ञात जगह पर ले जाकर फेंक दिया है। जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि दीपक का अरुण व अनिल से प्रापर्टी को लेकर विवाद चल रहा है। 

गिरफ्तारी को पुलिस ने भी चली चाल: जनता की सेवा में लगी पुलिस को जब दीपक ने परेशान किया तो पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ने की येाजना बनाई। पुलिस मामले की जांच में लगी हुई थी तभी उनको जानकारी प्राप्त हुई कि दीपक की स्कूटी कानपुर सेंट्रल स्टेशन के पास पार्किंग में खड़ी है। जिस पर पुलिस ने वहां पर एक टीम लगाई। काफी देर के बाद जब गुरुवार रात को जब दीपक वहां स्कूटी लेने पहुंचा तो पुलिस ने उसे धर दबोचा।

इनका ये है कहना: थाना प्रभारी दधिबल तिवारी ने बताया कि युवक ने प्रापर्टी के विवाद में अपने अपहरण की झूठी साजिश रची थी। पुलिस प्रशासन को परेशान करने और अपने अपहरण की झूठी साजिश रचने के लिए उसे जेल भेजा दिया गया है। अगर इस साजिश में युवक के अलावा कोई और भी शामिल होगा तो उसे पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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