बांदा, जेएनएन। Mukhtar Ansari Latest Update News पंजाब की रूपनगर नगर जेल से बांदा जेल में शिफ्ट किए गए माफिया मुख्तार अंसारी की यहां की बैरक में पहली रात बेचैनी में कटी। बुंदेलखंड की भीषण गर्मी, चारों ओर लगे सीसीटीवी कैमरे, जमीन पर बिछा बिस्तर, इन सबके बीच मुख्तार की हालत 'बिन जल मछलीÓ जैसी थी। आलीशान जिंदगी का आदी माफिया डॉन कभी करवटें बदलता तो कभी खड़ा होकर बिस्तर और सूनी बैरक की दीवारों को निहारता। इससे पहले भोजन के नाम पर भी दो रोटी व दाल ही उसने ली। 

बुंदेली गर्मी ने किया बेहाल: माफिया मुख्तार बुधवार भोर साढ़े चार बजे बांदा जेल में लाया गया था। सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम के बीच चप्पे-चप्पे में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए गए हैं। रात में भी हर गतिविधि कैद करने में सक्षम ये कैमरे उनके लिए भी मुसीबत का सबब बने हैं, जो किसी न किसी तरह मदद का मंसूबा संजोए हुए होंगे। माफिया को जेल की बैरक नंबर 16 में रखा गया है, जहां किसी तरह की कोई सुविधा नहीं है। जेल सूत्र बताते हैं कि जमीन ही उसका बिस्तर है। दरी व चादर पर वह देर रात तक बैठा रहा। लेटा तो करवटें बदलता रहा। रात में दो से तीन बार उठा और बैरक में ही टहलता रहा। बैरक में उसके सिवा कोई दूसरा नहीं है, जिससे बातचीत कर समय ही काट सके। इसके अलावा बुंदेलखंड की गर्मी ने जरूर नाक में दम कर दिया है। सुविधा के नाम पर छत पर पंखा जरूर लगा है, पर उमस शांत करने को नाकाफी ही साबित हुआ। ऐसा नहीं है कि माफिया मुख्तार इसके पहले बांदा जेल में नहीं रहा। सूत्र बताते हैं, पहले बैरक में एसी तक की सुविधा थी। इस बार ऐसी कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में दिनोंदिन बढ़ रहे पारे के तेवर से ऐशो-आराम की जिंदगी जीते रहे माफिया की मुश्किलें और बढऩा तय हैं। 

ढलती रात बताती लापरवाही, सीसीटीवी के भरोसे सुरक्षा:  माफिया मुख्तार अंसारी के आने के पहले ही सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई। आला अधिकारियों का दावा रहा कि परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा। यह दावा बुधवार की सुबह से लेकर शाम तक जरूर दिखा। देर रात परिसर में सन्नाटा नजर आया। गेट के पास महज सिपाही ही कुर्सी डाले बैठे रहे। परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के भरोसे ही सुरक्षा आंकी जा रही है। 

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