कानपुर, जेएनएन। औषधीय खेती को बढ़ावा देने के लिए इस बार पौधारोपण अभियान में आंवला, सहजन तथा अन्य इससे जुड़े पौधों का वितरण करके रोपण कराया जाना है। सभी के लिए लक्ष्य भी तय कर दिया गया है। सरकारी विभागों के साथ किसान, योजना के पात्र तथा स्कूलों को भी इसमें शामिल किया गया है।

जिले में 57 लाख से अधिक पौधों का रोपण होना है। उसके लिए अभी से तैयारी होने लगी है। डीएम सत्येंद्र कुमार के निर्देश पर वन विभाग की ओर से कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। प्रभागीय वनाधिकारी को निर्देशित किया गया है कि लक्ष्य वन विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, लोक निर्माण विभाग, जिला कृषि अधिकारी के मध्य पौधे वितरित होंगे।

20 लाख पौधा किसान को रोपित करेंगे

जिले में किसानों को 100-100 पौधा रोपित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस तरह करीब बीस लाख लाख पौधा किसान अपनी जमीन पर रोपित करेंगे। उनकी देखरेख करना भी उन्हीं की जिम्मेदारी होगी।

आंवला से मिलेगा फायदा

जिले में पौधारोपण अभियान के तहत 21 लाख पौधा आंवला के रोपित होंगे। इससे किसानों तथा पौधा रोपित करने वालों को डबल फायदा होगा। पर्यावरण संरक्षण के साथ ही उससे आंवला की उपज से आर्थिक फायदा भी होगा। इन पौधों को खेतों में किनारे-किनारे भी किसान लगा सकेंगे।

इसी तरह आठ लाख सागौन के पौधा, आठ लाख शीशम के पौधा रोपित होंगे। दो लाख पौधा अमरूद रोपित होंगे। लोक निर्माण विभाग को महुआ के पौधा दिए जाएंगे। ङ्क्षसचाई विभाग भी नहर किनारे-किनारे पौधा रोपित कराएगा।

आवास पात्र भी लगाएंगे पौधा

सरकारी आवास योजना के तहत पात्रों को सहजन पौधा दिए जाएंगे। ऐसे पात्रों को अपने आवास के सामने सहजन के पौधा रोपित करने होंगे। इस पौधा की फलियों का सेवन करना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

तय कर लें स्थान

डीएम सत्येंद्र कुमार ने कहा कि पौधारोपण के लिए पहले से ही गड्ढा तैयार करवा लें, सड़क किनारे जहां पौधा रोपित करना है उन स्थानों को चिहित कर लिया जाए।  

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