कानपुर, जेएनएन। फर्रुखाबाद के पांचाल घाट स्थित रामनगरिया मेला के सांस्कृतिक पंडाल में मंगलवार को गंगा समग्र की ओर से गंगा गोष्ठी का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि गंगा समग्र के राष्ट्रीय महामंत्री व दिव्य प्रेम सेवा संस्थान हरिद्वार के संचालक डॉ. आशीष गौतम ने कहा कि समग्र गंगा का अभियान 25 हजार किलोमीटर का है। जिसमें हमें गंगा ही नहीं देश की सभी नदियों व नालों की स्वच्छता का संकल्प लेना होगा, तभी हम गंगा स्वच्छता के संकल्प को पूरा कर सकेंगे।

डॉ.आशीष गौतम ने कहा कि मां गंगा को हम लोगों ने ही गंदा किया। देश की सैकड़ों नदियां व नाले गंगा में ही समाहित हो रहे हैं। जिससे हमें सभी नदियों व नालों की स्वच्छता का संकल्प लेना चाहिए तभी हम गंगा समग्र अभियान को सफल बना सकेंगे। गंगा को स्वच्छ रखेंगे तो वह हमें सदियों तक छोड़कर नहीं जाएंगी। गंगा को साफ रखने की जिम्मेदारी हम सबको उठानी होगी।

जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने कहा कि गंगा समग्र के लिए मिली धनराशि में से अभी फर्रुखाबाद में एक पैसा भी खर्च नहीं हुआ है। गंगा के प्रति हमारी आस्था बढ़ी है। हमें नदियों के पुनरोद्धार पर जोर देना है, तभी हम गंगा समग्र अभियान को सफल बना पाएंगे। हमारा पूरा ध्यान अपने जनपद में गंगा की स्वच्छता पर होना चाहिए। यह लक्ष्य यदि सभी निर्धारित कर लें तो गंगा साफ हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि वह जल्दी ही नालों में सोकपिट बनाने का काम शुरू कराएंगे। जिससे नालों का पानी सोखकर जमीन में चला जाए। मुख्य विकास अधिकारी डॉ.राजेंद्र पेंसिया, जिला वन अधिकारी पीके उपाध्याय, गंगा समग्र के प्रांत संयोजक राघवेंद्र सिंह ने विचार व्यक्त किए। संचालन साहित्यकार भूपेंद्र प्रताप सिंह ने किया। गंगा स्वच्छता से जुड़े बच्चों को पुरस्कार भी दिए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ कवयित्री भारती मिश्रा व रेखा के गंगा गीत से हुआ। भारती मिश्रा की पुस्तक मांईं व अतृप्ति के स्वर का विमोचन भी किया गया।

54 गांव नगरपालिका में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा

जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने जिले का चार्ज संभाला तो गंगा किनारे की दुर्दशा देखकर दंग रह गए थे। इसी के बाद उन्होंने सोता बहादुरपुर में गंगा किनारे सड़क निर्माण व जाली लगवाने का काम कराया। इसके लिए अलग से बजट नहीं चाहिए होता है। जिले में मनरेगा सहित कई ऐसी योजनाओं में पैसा है, जिसका उपयोग किया जा सकता है। गुणवत्ता पर ध्यान देने की जरूरत है। काम नहीं दिखेगा तो अधिकारियों पर आरोप लगेंगे। उन्होंने 54 गांवों को नगरपालिका में शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। यह काम पहले हुआ होता तो अब तक नगर निगम बन गया होता।

अंबेडकर ग्रामों में बनी थी बेहतर सड़कें

जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बसपा शासन के दौरान अंबेडकर ग्रामों में जो सड़कें बनीं, उनकी गुणवत्ता अच्छी थी। उन्होंने एक गांव का निरीक्षण किया तो देखा कि एक साल में ही सड़क टूट गई। उन्होंने ठेकेदार से वसूली के लिए निर्देश दे दिए हैं। वह जल्द ही गोवंश आश्रय स्थलों को शमशान घाट से जोड़ेंगे। अंतिम संस्कार में लकड़ी का प्रयोग नहीं होगा। गोवंश के गोबर का लटठा बनेगा, जिसका उपयोग अंतिम संस्कार में होगा। गंगा की नियमित आरती की व्यवस्था शीघ्र की जाएगी।  

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