कानपुर, जेएनएन। बाड़मेर जिले का रहने वाले चंद्रप्रकाश उर्फ चंदू जाणी ने ट्रांसपोर्टर के तौर पर काम शुरू किया था, लेकिन आज वह राजस्थान का सबसे बड़ा शराब माफिया बन बैठा है। उसके गुर्गे न केवल राजस्थान, बल्कि देश के हर कोने में बैठे हैं। तभी तो पिछले दिनों बाड़मेर में एटीएस की दबिश के दौरान उन्होंने हमला करके चंदू जाणी को छुड़ा लिया था। हालांकि प्रदेश भर की पुलिस सक्रिय हुई तो अगले ही दिन उसने सरेंडर कर दिया था।

कई मामलों में दर्ज हो चुके मुकदमे 

नजीराबाद पुलिस राजस्थान के करोड़पति शराब माफिया चंदू जाणी को लेने के लिए शुक्रवार को राजस्थान रवाना होगी। इससे पहले पुलिस ने उसके खिलाफ कोर्ट से बी वारंट हासिल किया है। नजीराबाद थाना प्रभारी ज्ञान सिंह ने बताया कि चंदू के खिलाफ वर्ष 2019 से 2020 तक कानपुर देहात व कानपुर नगर में शराब तस्करी, धोखाधड़ी व जालसाजी के चार मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। चारों मुकदमों में वह वांछित चल रहा है। इससे पूर्व राजस्थान के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ 14 मुकदमे लिखे गए थे। चंदू के खिलाफ वर्ष 2005 में पहला मुकदमा बाड़मेर के वायतू थाने में मादक पदार्थों की तस्करी का दर्ज हुआ था।

वर्ष 2011 से शराब की तस्करी करके अकूत दौलत जमा की

एसटीएफ के सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2005 में चंदू अफीम की तस्करी करता था। इसके बाद बिहार, झारखंड, यूपी, नेपाल आदि स्थानों से चरस व गांजे की तस्करी करके मुंबई, गुजरात व राजस्थान के विभिन्न इलाकों में पहुंचाने लगा। चूंकि एनडीपीएस एक्ट में कड़ी सजा का प्रविधान है, लिहाजा उसने शराब की तस्करी शुरू कर दी, ताकि अगर पकड़ा भी जाए तो आसानी से छूट सके और अपने साथियों को छुड़ा सके। वर्ष 2011 से शराब की तस्करी करके उसने अकूत दौलत जमा की। मुंबई, दिल्ली, गुरुग्राम आदि स्थानों पर उसके आलीशान मकान और कीमती कारें हैं।

इनका ये है कहना

चंदू जाणी के खिलाफ कानपुर व कानपुर देहात में चार मुकदमे दर्ज हैं। टीम उसे बी वारंट पर लेने के लिए रवाना की जा रही है। कानपुर आने के बाद उससे विस्तृत पूछताछ होगी। तब गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगने की उम्मीद है। - दीपक भूकर, एसपी साउथ

 

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