जागरण संवाददाता, कानपुर: शहर में पक्षियों के मरने का सिलसिला जारी है। गुरुवार को शहर के विभिन्न स्थानों पर दो कौए और तीन कबूतर मृत मिले। इनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं ककवन क्षेत्र के मौजमपुर में स्थित पोल्ट्री फार्म पांच और मुर्गो की मौत के बाद इसे बंद करा दिया गया है। पिछले चार दिन में यहां कुल 44 मुर्गो की मौत हो चुकी है। चिड़ियाघर के पक्षीलोक, पक्षीघर व तीन तालाब और अस्पताल में पक्षियों के लिए रखे पानी के नमूने लिए गए हैं। इसके अलावा 13 अन्य मुर्गो के सैंपल भी जांच के लिए बरेली भेजे हैं।

चिड़ियाघर में जंगली मुर्गों की बर्ड फ्लू से मौत के बाद से जू प्रशासन और पशुपालन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। पशु चिकित्सक पक्षियों की गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। चिड़ियाघर के सहायक निदेशक अरविद कुमार सिंह ने बताया कि पानी व पक्षियों के नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। वहीं ककवन क्षेत्र के मौजमपुर गांव स्थित पोल्ट्री फार्म में मुर्गों की मौत का सिलसिला जारी है। रविवार से अब तक यहां 44 मुर्गो की मौत होने की जानकारी के बाद कानपुर से पहुंची सर्विलांस टीम ने पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण कर दवा के छिड़काव के निर्देश दिए थे। यहां से मृत मुर्गो के नमूने लेकर जांच के लिए भोपाल भेजे गए हैं। देर शाम इसे बंद करा दिया गया। एडीएम वित्त वीरेंद्र पांडेय ने बताया कि जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक पोल्ट्री फार्म को बंद रखा जाएगा। कोल्ड डायरिया से मोर की मौत बिल्हौर

ककवन के फत्तेपुर गांव में गुरुवार सुबह मोर की मौत हो गई। फत्तेपुर निवासी ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार सुबह एक मोर अचानक घर के पास गिरकर अचेत हो गया। ग्रामीणों ने वनविभाग के कर्मचारियों को सूचना दी। डॉ. नीरज पटेल ने बताया कि पोस्टमार्टम में मोर की कोल्ड डायरिया के चलते मौत होने की पुष्टि हुई है।

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