महोबा, जेएनएन। किशोरी को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में न्यायालय ने अभियुक्त को दस वर्ष के सश्रम कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई है। अर्थदंड की अदायगी न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि जिले के एक गांव निवासी युवक ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। जिसके आधार पर थाना खन्ना में 25 जून 2016 की शाम रिपोर्ट दर्ज की गई। वादी ने बताया कि 11 फरवरी 2016 को वह व उसकी पत्नी शहर के बैंक काम से आए थे।

दोपहर करीब दो बजे उसके बच्चे घर पर थे तभी चांद थोक मटौंध जनपद बांदा में रहने वाला विजय अपने दो अन्य साथियों के साथ उसके घर आया। इसके बाद उसके चारों बच्चों को एक कमरे में बंद कर दिया। उसकी 14 वर्षीय पुत्री को डरा धमकाकर जान से मारने की धमकी देकर बक्सा में रखे 42 हजार रुपये, सोने चांदी के जेवर निकालकर तथा पुत्री को लेकर चले गए।

वादी के मुताबिक जब वह शाम करीब पांच बजे घर पहुंचा तो अन्य बच्चों को कमरे से बाहर निकलाा। बच्चों ने उसे सारी जानकारी दी। पीडि़त दंपती मटौंध गए तो पता चला कि उसकी पुत्री विजय, हरी व कलावती पत्नी हरी के घर के अंदर हैं। यहां उन्हेंं जान से मारने की धमकी दी गई। थाना खन्ना रिपोर्ट लिखाने गया तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसपी को रजिस्टर्ड डाक से सूचना दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर 25 जून को रिपोर्ट दर्ज की गई। विजय को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया।

न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। न्यायालय द्वारा अभियुक्त विजय के विरुद्ध 25 अगस्त 2018 को अगवा कर दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में आरोप पत्र विचरित किया। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम संतोष कुमार यादव ने अपना फैसला सुनाया। विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि अभियुक्त विजय सिंह को दस साल के सश्रम कारावास व 13 हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अर्थदंड की अदायगी न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। 

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