जागरण संवाददाता, कानपुर: चिड़ियाघर में दो जंगली मुर्गो में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद से लगातार मुर्गो के सैंपल जांच को बरेली भेजे जा रहे हैं। पिछले 11 दिनों में शहर के विभिन्न पोल्ट्री फॉर्म से भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान भेजे गए 425 जीवित मुर्गों के नमूनों की रिपोर्ट बुधवार को आ गई। किसी में भी बर्ड फ्लू का वायरस नहीं मिला।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरपी मिश्रा ने बताया कि अब तक भेजे गए सभी मुर्गों के सैंपल निगेटिव आने से घरेलू मुर्गों में बर्ड फ्लू के वायरस की खतरे की आशंका नहीं है। अब रोजाना सैंपलिंग नहीं कराई जाएगी। मुर्गो के सैंपल 15 दिन बाद लिए जाएंगे। हालांकि उन पर नजर रखने के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं। अगर दूसरे चरण की सैंपलिग की रिपोर्ट निगेटिव आती है तो पोल्ट्री खोलने को लेकर दायरा खत्म किया जा सकता है। अभी चिड़ियाघर से दस किमी के दायरे में पोल्ट्री खोलने में पाबंदियां लगाई गई हैं।

19 परिदे मृत पाए गए

जहां घरेलू मुर्गों में बर्ड फ्लू का वायरस न मिलने से पशुपालन विभाग ने राहत की सांस ली है, वहीं स्वच्छंद उड़ने वाले पक्षियों में इसका खतरा बना हुआ है। शहर में विभिन्न स्थानों पर बुधवार को 19 परिदे मृत पाए गए। सर्वाधिक ककवन स्थित फार्म हाउस में 14 चूजे थे। इसके अलावा एक बगुला, दो कबूतर और दो कौआ भी विभिन्न स्थानों पर मृत मिले।

चिड़ियाघर से 18 पक्षियों के लिए नमूने

चिड़ियाघर की टीम ने पक्षीलोक और पक्षीघर से 18 पक्षियों के सैंपल लिए। इन नमूनों को भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान भेजा गया है। इसके अलावा झील के पास व पक्षियों के बाड़े में जांच टीम ने पक्षियों का निरीक्षण भी किया। बाहरी तौर पर किसी में भी बर्ड फ्लू का लक्षण नहीं नजर आया।

kumbh-mela-2021

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप