कानपुर, जेएनएन। बरेली के झुमके, अलीगढ़ के ताले, कानपुर के जूते-बेल्ट, फिरोजाबाद की चूडिय़ां देश ही नहीं दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। इनसे लाखों लोग स्थाई और अस्थाई तौर पर जुड़े हुए हैं। चाहे वह व्यवसायी हो या फिर कारीगर, सभी सिस्टम से काम करते हैं। अब इसी कड़ी से ही रोजगार के साधन को बढ़ावा देने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन शहरों की विशेषता और युवाओं के रुझान पर कोर्स डिजाइन कर रहा है, जिससे कौशल विकास और रोजगार में इजाफा हो सकेगा।

मिशन के अधिकारी प्रशिक्षुओं से कोर्स के संबंध में जानकारी जुटाएंगे। वहीं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के कोर्स एक दिसंबर से शुरू हो रहे हैं। प्रदेश में चार लाख युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना है। इस बार ट्रेनिंग का निर्धारित लक्ष्य उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) के अंतर्गत पूरा किया जाएगा। शहर में भी इसको लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। नए प्रशिक्षण केंद्र चिह्नति किए जा रहे हैं, जिसमें युवाओं को पे्रक्टिकल और थ्योरी की जानकारी दी जाएगी। यूपीएसडीएम के जिला को-ऑर्डिनेटर व आइटीआइ के प्रिंसिपल केएम सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए नए केंद्र तलाशे जा रहे हैं। युवाओं को रोजगार में लाभ मिल सकेगा। यह घंटों के हिसाब से संचालित होंगे। 

कोविड प्रोटोकॉल से होगा प्रशिक्षण 

पीएमकेवीवाई और यूपीएसडीएम के प्रशिक्षण कोविड प्रोटोकॉल के अंतर्गत होंगे। प्रशिक्षुओं के लिए मास्क लगाने अनिवार्य रहेगा, जबकि केंद्र में सैनिटाइजर और हैंडवॉश की सुविधा मौजूद रहेगी। प्रशिक्षण के बाद कमरे को सैनिटाइज करना जरूरी होगा।

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