इटावा, जेएनएन। प्रदेश सरकार ने यमुना नदी को प्रदूषण से मुक्त कराने तथा शहर से निकल कर गंदे नालों के पानी का शोधन करने के लिए उमरैन के पास 21 एमएलडी की क्षमता वाला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण शुरू कराया है। 140 करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्लांट का निर्माण यमुना प्रदूषण नियंत्रण इकाई आगरा द्वारा किया जा रहा है। इस प्लांट पर छह माह से काम चल रहा है।

बताया गया है कि अभी करनपुरा के पास एक बड़े नाला के गंदे पानी को रोकने के लिए जो ट्रीटमेंट प्लांट बना हुआ है वह पूरी तरह से गंदे पानी को नहीं रोक पाता है। इसको लेकर उमरैन में ही साढ़े 13 एमएलडी का प्लांट लगाया गया, वह भी पूरी तरह से कारगर नहीं हुआ। अब इसकी क्षमता 21 एमएलडी की जा रही है।

सीवर लाइन व नाले का पानी यमुना को कर रहा दूषित

नगर में जितने भी सीवर लाइन के कनेक्शन हैं उनका भी गंदा पानी इन प्लांटों के माध्यम से ही यमुना में पहुंच रहा है। बरसात के दौरान सारी व्यवस्था फेल हो जाती है। बताया जा रहा है कि इस समय शहर के 82 नाले टिक्सी मंदिर के पास नाले से मिलकर यमुना नदी में गिरते हैं। इससे पूर्व भी यमुना को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए अनेक योजनाएं बनाई गई लेकिन सफल नही हो सकी। जनवरी 2021 तक उमरैन के ट्रीटमेंट प्लांट के पूरा होने की संभावना है।

इनका ये है कहना

जल निगम आगरा द्वारा उमरैन में 21 एमएलडी जल शोधन का प्लांट लगाया जा रहा है। जिसके बनने से बरसात को छोड़ कर वर्ष भर निकलने वाले गंदे पानी को शुद्ध करके यमुना में छोड़ा जाएगा। - आरके यादव, अधिशासी अभियंता, जलनिगम निर्माण खंड  

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