जागरण संवाददाता, कानपुर : पतितपावनी मां गंगा में गंदगी उड़ेल रहे परमट नाले के साथ ही अन्य चोर नाले आखिर अफसरों की निगाह में आ ही गए। मंगलवार को डीएम विजय विश्वास पंत व नगर आयुक्त अक्षय त्रिपाठी ने गंगा किनारे बैराज से रानीघाट तक पैदल चलकर जायजा लिया। उन्होंने जल निगम के अफसरों को नालों को बंद करने के आदेश दिए। इसके साथ ही नालों को बंद कराने की कवायद शुरू कर दी गई।

नगर विकास विभाग प्रमुख सचिव मनोज सिंह और नेशनल मिशन ऑफ क्लीन गंगा (एनएमसीजी) के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्र ने 27 नवंबर को स्टीमर से गंगा का हाल देखा था। उन्होंने रानीघाट, परमट और अस्पताल घाट में गंदगी देख नाराजगी जताई थी। इसी को लेकर डीएम ने नगर आयुक्त के साथ बैराज स्थित अटल घाट के पास बने बंधे के रास्ते से रानी घाट तक गंगा का जायजा लिया। परमियापुरवा और रानीघाट के पास नाला गंगा में गिरता मिला। डीएम ने इज्जतघर बनवाने के साथ ही नालियों का पानी दूसरी जगह भेजे जाने का निर्देश दिया। घरों से गंगा की तरफ डाले गए पाइप के बारे में जानकारी ली और एसीएम पांच को घरों का सर्वे कर पाइप हटाने के आदेश दिए।

सेना ने नाले के पानी के नमूने भरे

सेना के अफसरों ने वाजिदपुर स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट जाने वाले नाले के पानी के नमूने भरे। गंगा टास्क फोर्स के अफसरों ने यहा फैली गंदगी की फोटो भी ली।

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